कामयाब सैनिक से शानदार सियासतदान का सफर पूरा करके चल दिए जनरल साहब

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मेजर जनरल ( सेवानिवृत्त ) बीसी खंडूरी ( फाइल फोटो )
मेजर जनरल ( सेवानिवृत्त ) बीसी खंडूरी ( फाइल फोटो )
सेना का  अनुशासन सियासत के मैदान में भी लागू करने की भरपूर कोशिश करते रहे भुवन चंद्र खंडूरी का आज (बुधवार) हरिद्वार के खड़खड़ी श्मशान घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया.
भारतीय सेना में मेजर जनरल पद से सेवानिवृत्त  होने  के बाद सांसद , मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री जैसे ओहदों पर रहे भुवन चंद्र खंडूरी नैतिकता और साहस की शानदार मिसाल भी थे.  मंगलवार की सुबह देहरादून के मैक्स अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली . मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी 91 बरस के थे .

भुवन चंद्र खंडूरी की पुत्री  और उत्तराखंड विधानसभा की अध्यक्ष ऋतू  खंडूरी भूषण ने बताया कि उनके पिता  ने सुबह करीब 11 बजे अंतिम सांस ली. ऋतू के अलावा उनके परिवार में  पत्नी अरुणा और पुत्र  मनीष हैं. पूर्व मुख्यमंत्री श्री खंडूरी  उम्र से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित थे और हाल ही में उन्हें कई बार अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था.

राजनीति में आने से पहले, खंडूरी भारतीय सेना से मेजर जनरल के पद से रिटायर हुए थे. लिहाज़ा  ‘जनरल साहब’ के नाम से मशहूर थे , उन्होंने एक अनुशासित और सख्त प्रशासक के तौर पर अपनी पहचान बनाई थी. बीसी खंडूरी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के तौर पर दो बार सेवा की. उन्होंने पहली बार 2007 में, भारतीय जनता पार्टी  के विधानसभा चुनाव जीतने के बाद पदभार संभाला था.

बी सी खंडूरी ने  2009 में इस पद से इस्तीफा दे दिया था, और राज्य की सभी पांच लोकसभा सीटें हारने की नैतिक जिम्मेदारी कबूल की थी . लेकिन  2011 में उन्हें बीजेपी ने फिर से मुख्यमंत्री नियुक्त किया.बीसी खंडूरी ने केंद्र सरकार में  मंत्री के तौर पर भी काम किया.  उन्होंने दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के मंत्रिमंडल में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय का प्रभार संभाला था. गोल्डन क्वॉड्रिलैटरल (स्वर्णिम चतुर्भुज) परियोजना को पूरा करने का श्रेय उन्हें ही दिया जाता है. इस पहल ने राजमार्गों के ज़रिए भारत के चारों कोनों को सफलतापूर्वक आपस में जोड़ा.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जनरल खंडूरी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन और जन कल्याण के प्रति उनके समर्पण को हमेशा याद रखा जाएगा. उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री, मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) बी.सी. खंडूरी जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है. भारतीय सेना में अनुकरणीय सेवा देने के बाद, उन्होंने सार्वजनिक सेवा में ईमानदार, सरल, पारदर्शी और विकास-उन्मुख राजनीति का एक उदाहरण प्रस्तुत किया.

जनरल खंडूरी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में दो कार्यकाल (पहला 2007 से 2009 तक और दूसरा 2011 से 2012 तक) तक सेवा की और राज्य के प्रशासन का नेतृत्व किया. इस  दौरान, उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े कदम उठाए और राज्य के भीतर एक पारदर्शी तथा अनुशासित प्रशासन की नींव रखी.

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनरल खंडूरी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और उनकी मृत्यु को राष्ट्रीय राजनीति के परिदृश्य में एक अपूरणीय क्षति बताया. एक बयान में, मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “मुझे उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, माननीय मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी (सेवानिवृत्त) के निधन का दुखद समाचार प्राप्त हुआ है.”