
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह ( lt governor taranjit singh) ने उम्मीद जाहिर की कि 2027 तक ‘ ड्रग फ्री दिल्ली ‘ का मकसद हासिल करने में एंटी नारकोटिक्स टास्क फ़ोर्स ( एएनटीएफ ) थाना प्रभावशाली होगा .
वैसे दिल्ली पुलिस की तरफ से आयोजित इस कार्यक्रम में कुल मिलाकर तकरीबन 1700 किलो नशीले पदार्थ नष्ट किए गए जो नशे के कारोबारियों , तस्करों और नशेड़ियों से जब्त किए गए थे लेकिन इसमें खतरनाक किस्म के नशीले पदार्थों की मात्रा 100 किलो से भी कम थी. खुद पुलिस ने इस कार्यक्रम के संबध में जारी प्रेस विज्ञप्ति में जो जानकारी दी है उसके मुताबिक जो पदार्थ नष्ट किए गए उनमें 1600 किलो तो गांजा ही है . खुद दिल्ली पुलिस ने के नष्ट किए गए नशीले पदार्थों का जो ब्योरा दिया है वो है : गांजा -1610 किलो , चरस -21 किलो , हेरोइन -11 किलो , कोकीन-591 ग्राम, कैनेबिस सैटिवा-21 किलो , अल्प्राज़ोलम टैबलेट (30 किग्रा).
दिल्ली पुलिस की विज्ञप्ति के मुताबिक़ प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी के ‘ड्रग फ्री इंडिया’ ( drug free india ) की उपलब्धि हासिल करने के ऐलान और केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह नशे के प्रति ‘ जीरो टॉलरेन्स ‘ की नीति को लागू करने के बाद से अब तक 46500 किलो नशीले पदार्थ पकडे जा चुके हैं . यह मात्रा बीते तीन साल में जब्त किए गए ड्रग्स की है . उपराज्यपालतरन जीत सिंह ने भी प्रधानमन्त्री और गृह मंत्री की ‘ ड्रग फ्री इंडिया ‘ की सोच का ज़िक्र किया . उन्होंने इस दिशा में अब तक दिल्ली पुलिस की तरफ से किए गए काम कि तारीफ़ की . इस मौके पर दिल्ली पुलिस (delhi police ) के कमिश्नर सतीश गोलचा ( satish golcha) और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे.












