पाकिस्तान में पुलिस चौकी पर भीषण हमले में कई पुलिसकर्मियों की जान गई

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पाकिस्तान के बन्नू जिले में पुलिस चौकी पर हमले में मलबे में तब्दील हुई चौकी और वाहन
पाकिस्तान के बन्नू जिले में पुलिस चौकी पर हमले में मलबे में तब्दील हुई चौकी और वाहन
 उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान में एक पुलिस चौकी पर कार बम धमाका हुआ, जिसके बाद हुई ज़बरदस्त गोलीबारी में कई पुलिसकर्मियों की मौत हो गई और कुछ घायल भी है.  मृत पुलिस कर्मियों के तादाद 20 से भी ज्यादा बताई गई है . यह पुलिस चौकी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बन्नू जिले में है जिसकी सीमा अफगानिस्तान से लगती है .  ‘इत्तेहाद-उल-मुजाहिदीन पाकिस्तान’ के नाम वाले संगठन ने हमले की ज़िम्मेदारी ली है . यह संगठन हथियारबंद गुटों के एक गठबंधन है .  इस वारदात में हमलावरों की तरफ से  में ड्रोन का भी इस्तेमाल किए जाने की भी सूचना है.

एक पुलिस अधिकारी ज़ाहिद खान ने समाचार एजेंसी ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया कि एक आत्मघाती हमलावर और कई लड़ाकों ने एक सुरक्षा चौकी के पास बारूद से भरी गाड़ी में धमाका कर दिया.  उन्होंने बताया कि इसके फ़ौरन बाद कई धमाकों की आवाज़ें सुनाई दीं, और धमाके के असर  से सुरक्षा चौकी ढह गई.

शनिवार देर रात हमले के बाद सामने आई तस्वीरों में देखा जा सकता है कि पुलिस चौकी पूरी तरह से मलबे में तब्दील हो गई थी.  चारों तरफ ईंटें, जले हुए सामान हुई के टुकड़े और गाड़ियों का टूटा-फूटा मलबा बिखरा पड़ा था. यह आत्मघाती हमला बतया जा रहा है जिसमें बारूद से लदे वाहन को चौकी से टकराया गया .

समाचार एजेंसी ‘रॉयटर्स’ के हवाले से दी गई खबरों के मुताबिक  ,  सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से बताया कि बम धमाके के बाद, पुलिसकर्मियों पर घात लगाकर हमला किया गया.  ये पुलिसकर्मी मदद के लिए घटनास्थल की ओर तेज़ी से बढ़ रहे थे. पुलिस की मदद के लिए  जब मदद के लिए जब फ़ोर्स भेजी गई तो  आतंकवादियों ने उन पर घात लगाकर हमला किया, जिससे कुछ लोगों की जान चली गई.

पाकिस्तान , अफगानिस्तान  पर हथियारबंद गुटों को पनाह देने का आरोप लगाता रहा है.  उसका कहना है कि ये गुट अफ़गानिस्तान की ज़मीन का इस्तेमाल पाकिस्तान में हमले की साज़िश रचने के लिए करते हैं. तालिबान ने इन आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि पाकिस्तान में चल रहा हथियारबंद विद्रोह एक आंतरिक समस्या है.

जो कभी सहयोगी थे, अब दुश्मन बन चुके इन दोनों पक्षों के बीच सालों बाद सबसे भीषण लड़ाई छिड़ गई. इसमें पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के अंदर हवाई हमले किए, जिनके बारे में इस्लामाबाद ने कहा कि इन हमलों में लड़ाकों के ठिकानों को निशाना बनाया गया था.

इस्लामाबाद, काबुल पर उन हथियारबंद गुटों को पनाह देने का आरोप लगाता है, जो अफगानिस्तान की ज़मीन का इस्तेमाल करके पाकिस्तान में हमले की साज़िश रचते हैं. तालिबान ने इन आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि पाकिस्तान में चल रहा हथियारबंद विद्रोह उनका अपना अंदरूनी मामला है.

पाकिस्तान तालिबान—जिसे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के नाम से भी जाना जाता है—और उसके सहयोगी आतंकी  गुटों ने पहले भी इसी तरह के हमले किए हैं. पाकिस्तान तालिबान एक अलग गुट है, लेकिन वैचारिक रूप से यह अफगानिस्तान के तालिबान से जुड़ा हुआ है. अफगानिस्तान के तालिबान ने साल 2021 में उस देश की सत्ता पर कब्ज़ा कर लिया था.