सीसीटीवी के जरिये जेल में VIP कैदियों और अपराधों पर नजर

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जेल
प्रतीकात्मक फोटो

भारत की राजधानी दिल्ली की तीन जेल में सीसीटीवी (CCTV) कैमरा लगाये जाने के लिए तकरीबन 120 करोड़ रुपये खर्च किये जाने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई है. तिहाड़, रोहिणी और मंडोली स्थित जेलों में इस योजना को लागू करने के लिए वित्त खर्च सम्बन्धी समिति की सिफारिश दिल्ली सरकार की कैबिनेट ने मंजूर कर ली हैं.

उम्मीद की जा रही है कि सीसीटीवी लगने से जेल में बंद कैदियों की सुरक्षा तो बेहतर हो ही सकेगी साथ ही वहां होने वाले अपराधों और कुछ कैदियों को मिलने वाली वीआईपी सहूलियतों पर भी अंकुश लग सकेगा. क्यूंकि कैमरे में रिकार्डिंग के तौर पर सबूत भी होगा इसलिये नियमों को तोड़कर कुछ कैदियों को सुविधायें देने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के लिये भी ऐसा करना मुसीबत भरा होगा.

जेलों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना गृह विभाग ने बनाई है जिस पर अमल लोक निर्माण विभाग (PWD) को करना है. यही विभाग सीसीटीवी कैमरे सप्लाई करने से लेकर उन्हें लगाने और देखभाल का काम करेगा. दिल्ली सरकार की तरफ से जारी प्रेस बयान में कहा गया है कि देश में जेलों के कामकाज में और पारदर्शिता के लिए इतना पैसा खर्च करने वाला दिल्ली पहला राज्य होगा. अभी तक के प्रस्ताव में ये खर्च 119 .69 करोड़ रुपये आंका गया है.