उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल ( सेवानिवृत्त ) गुरमीत सिंह और राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी पासिंग आउट परेड में अतिथि के तौर पर उपस्थित थे.
आईएमए के अपने 94 साल के इतिहास में यह यादगार पल रहे. 1932 में अपनी स्थापना के बाद पहली बार, वसंत सत्र ( spring term ) पासिंग आउट परेड के दौरान महिला ऑफिसर कैडेट्स का एक बैच इस प्रतिष्ठित अकादमी से पास होकर निकला और भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के तौर पर स्थाई कमीशन हासिल किया . इस पासिंग आउट परेड में 515 कैडेट्स अधिकारियों में 9 महिलाएं थीं.

इन आठ कैडेट्स की कहानी अगस्त 2022 में शुरू होती है, जब भारत की सुप्रीम कोर्ट के 2021 के ऐतिहासिक आदेश के बाद राष्ट्रीय रक्षा अकादमी ( national defence academy ) ने महिला कैडेट्स के अपने पहले बैच का स्वागत किया था. एनडीए ( nda के 148वें कोर्स में शामिल होने वाली महिलाओं में से 17 ने अपनी तीन साल की ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी की और मई/जून 2025 में ग्रेजुएट हुईं थीं.













