अंतिम यात्रा में शामिल हुए खास और आम :
डीजीपी अनुराग धनखड़ ( dgp anurag dhankhar) की अंतिम यात्रा उनके पैतृक आवास से करीब एक किलोमीटर तक निकाली गई. उनके पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के लिए स्थानीय लोगों के साथ पुलिस अधिकारी, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के सदस्य बड़ी तादाद में पहुंचे.
अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों के ज़हन में डीजीपी अनुराग धनखड़ की मौत को लेकर सवाल थे. उनको हैरानी हो रही थी. उनका सवाल था कि इतने वरिष्ठ और अनुभवी पुलिस अधिकारी द्वारा आत्महत्या जैसा कदम उठाना कैसे मुमकिन है . वे इस को बात आसानी से स्वीकार करने को तैयार नहीं थे कि यह आत्महत्या का मामला है . इसकी वजह यह है कि अभी तक त्रिपुरा पुलिस प्रशासन इसका सही तरीके से खुलासा नहीं कर पाया कि राज्य के सबसे वरिष्ठ पुलिस ओहदे पर कार्यरत ने जीवन त्यागने जैसा कदम क्यों उठाया ? ग्रामीणों ने केंद्र और त्रिपुरा सरकार से मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि किन परिस्थितियों में उनकी मौत हुई.
उल्लेखनीय है कि सोमवार ( 20 जुलाई 2026 ) को त्रिपुरा के पुलिस मुख्यालय में अनुराग धनखड़ का शव उनके ऑफिस से मिला था. त्रिपुरा पुलिस की शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या का मामला बताया गया. हालांकि मामले की जांच अभी जारी है और इसके अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है.
पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार को उनका पार्थिव शरीर एयर एंबुलेंस से दिल्ली लाया गया, जहां से सड़क मार्ग के जरिए बागपत के बड़ौत स्थित उनके पैतृक आवास पहुंचाया गया. बुधवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया.










