देश की राजधानी की पुलिस के प्रमुख के पद पर रहने के बाद होमगार्ड्स में भेजे जाने को , अफसरशाहों की दुनिया में , सज़ा के तौर तैनाती ( punishment posting ) माना जाता है . श्री गोलचा को दिल्ली पुलिस के आयुक्त के ओहदे से जुलाई 2026 में अचानक हटा दिया गया था. कोई नई वाजिब जगह खाली न होने के कारण श्री गोलचा को दिल्ली के उपराज्यपाल कार्यालय को रिपोर्ट करने को कहा गया था . उनकी जगह अनुराग कुमार को दिल्ली पुलिस कमिश्नर तैनात किया गया था. यह उस दौर की बात है जब नीट पेपर लीक केस को दिल्ली में कई दिन से जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन चल रहा था. कॉकरोच जनता पार्टी ( cockroach janta party ) ने शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 20 जुलाई के ‘ संसद कूच ‘ का ऐलान कर रखा था.
दिल्ली पुलिस के लिए यह बेहद चुनौतीपूर्ण हालात थे. कॉकरोच जनता पार्टी ( सीजेपी ) के इस विरोध प्रदर्शन को कई ख़ास और बड़ी संख्या में आम लोगों , विशेषकर जेन जी ( gen g ) का समर्थन मिल रहा था . जानेमाने पर्यवरणविद सोनम वांगचुक जहां आमरण अनशन पर थे वहीं आल इंडिया स्टूडेंट्स ऐसोसिएशन ( aisa ) की अध्यक्ष नेहा बोरा अपने साथियों के संग भूख हडताल पर थीं . न सिर्फ सोशल मीडिया पर इस आन्दोलन को भरपूर समर्थन मिल रहा था बल्कि लोग बड़ी संख्या में जन्तर मंतर पहुंच रहे थे . लेकिन 20 जुलाई को जो हुआ वो अप्रत्याशित था. पुलिस प्रदर्शनकारियों की संख्या तक का सही पूर्वानुमान नहीं लगा सकी . जब जन सैलाब उमड़ा तो पुलिस के इंतज़ाम धरे रह गए. प्र क्रिया में पुलिस ने उनको नियंत्रित करने ले चक्कर में अत्यधिक बल प्रयोग कर डाला और पुलिस व उसकी मदद के लिए आई आरएएफ पर अमानवीय तरीके आजमाने के इलज़ाम लगे . सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए हाई पॉवर कमेटी बनाई गई.
दिल्ली होमगार्ड्स के वर्तमान महानिदेशक वीरेन्द्र सिंह ( virender singh ) का कार्यकाल 30 सितम्बर 2026 को पूरा होगा. आदेश के मुताबिक़ श्री गोलचा पहली अक्टूबर को उनके स्थान पर पदग्रहण करेंगे . कार्यभार हस्तांतरण में सुविधा को देखते हुए श्री गोलचा को तब तक के लिए ओएसडी नियुक्त किया गया है .










