त्रिपुरा डीजीपी अनुराग धनकड़ की मौत की हाईकोर्ट की देखरेख में न्यायिक जांच कराने की मांग

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त्रिपुरा के डीजीपी अनुराग धनकड़ जिनका शव सोमवार को ऑफिस में मिला (फाइल फोटो ).
त्रिपुरा के डीजीपी अनुराग धनकड़ जिनका शव सोमवार को ऑफिस में मिला (फाइल फोटो ).
त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक अनुराग धनखड़ की मौत का मामला उलझता जा रहा है. सोमवार को पुलिस मुख्यालय में उनके दफ्तर के वॉशरूम में उनका शव लटका हुआ मिला था . मंगलवार को कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया-मार्क्सिस्ट ( CPI-M) ने डीजीपी अनुराग धनकड़  की मौत के मामले में  त्रिपुरा हाई कोर्ट की देखरेख में न्यायिक जांच से कराने की मांग की है. शुरूआती तौर पर इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा है .

सीपीएम के महासचिव एमए  बेबी ने कहा है कि त्रिपुरा हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस की देखरेख में तुरंत एक न्यायिक जांच कमेटी बनाई जाए और  अनुराग धनकड़  की असमय मौत के पीछे की सच्चाई सामने आनी चाहिए.

एम ए बेबी ने सोशल मीडिया ‘एक्स ‘  X पर लिखा कि पिछले कुछ महीनों में धनकड़ के मज़बूत नेतृत्व में राज्य में करोड़ों रुपये की ड्रग्स और अन्य गैर-कानूनी सामान  ज़ब्त किया गया था.  कई ड्रग तस्करों और अन्य असामाजिक तत्वों को गिरफ्तार किया गया और आधे दर्जन भ्रष्ट पुलिस और सिविल अधिकारियों को सस्पेंड करना पड़ा.

कम्युनिस्ट नेता बेबी ने कहा कि आईपीएस अनुराग धनकड़  त्रिपुरा में कानून का राज बनाए रखने की पूरी कोशिश कर रहे थे, जो पिछले साढ़े आठ साल में भारतीय जनता  पार्टी  के शासन में तकरीबन  खत्म हो गया था.

उनकी पोस्ट में लिखा था, “यह चौंकाने वाली बात है कि त्रिपुरा के डीजीपी  अनुराग धनकड़  कल अपने ऑफिस में मृत पाए गए. अगर ऐसा किसी और राज्य में हुआ होता, तो बीजेपी  हंगामा करती और मीडिया कानून-व्यवस्था के पूरी तरह से ध्वस्त होने पर शोर मचाता लेकिन चूंकि यह बीजेपी  शासित राज्य है, इसलिए पूरी तरह से खामोशी है.”