असम में बाढ़ से तबाही : 11 मरे, सेना ने 200 लोग सुरक्षित निकाले

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असम में सेना के 'ऑपरेशन जल राहत' के दौरान सुरक्षित निकाले गए बाढ़ पीड़ित परिवार
असम में सेना के 'ऑपरेशन जल राहत' के दौरान सुरक्षित निकाले गए बाढ़ पीड़ित परिवार
पूर्वोत्तर भारत  के असम राज्य में आई बाढ़ भयानक तबाही लेकर आई है . अब तक इसमें 11 लोगों की जान जा चुकी है . वहीं बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने में भारतीय सेना को भी लगाया गया है जिसने 200 से ज्यादा बाढ़पीड़ितों को सुरक्षित निकाला है .

भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन जल राहत’ के तहत ऊपरी असम में बाढ़ राहत अभियान तेज़ किए.  नागरिक प्रशासन   के अनुरोध पर, सेना की स्पीयर कॉर्प्स (spear corps) के तहत रेड शील्ड डिवीज़न ( red shield division )  की चार बाढ़ राहत टुकड़ियों को 20 जुलाई को शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट के बाढ़ प्रभावित ज़िलों में बचाव, लोगों को सुरक्षित निकालने और राहत कार्यों के लिए तैनात किया गया था.

ये टुकड़ियाँ शिवसागर ज़िले में नज़ीरा और अमगुरी, चराइदेव ज़िले में सोनारी और जोरहाट ज़िले में काम कर रही हैं. उन्हें स्पीयर कॉर्प्स के तहत आने वाली यूनिट्स के सैनिकों का सहयोग मिल रहा है.

बचाव नौकाओं, मेडिकल टीमों, इंजीनियरिंग संसाधनों और राहत सामग्री से लैस सैनिकों ने बाढ़ वाले इलाकों से परिवारों समेत फँसे हुए नागरिकों को सुरक्षित निकाला है और प्रभावित लोगों को आपातकालीन चिकित्सा सहायता और राहत पहुँचा रहे हैं. बाढ़ की स्थिति का जायज़ा लेने और ज़मीन पर संसाधनों की तैनाती को सही दिशा देने के लिए प्रभावित इलाकों के ऊपर हेलीकॉप्टर से निगरानी और ड्रोन उड़ाए जा रहे हैं. जिन इलाकों में बुनियादी ढाँचे को नुकसान पहुँचा है, वहाँ सेना की इंजीनियर टुकड़ियाँ संपर्क बहाल करने में मदद कर रही हैं.

यह  अभियान शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट के ज़िला प्रशासन, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल ( national disaster response force )  , राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल  (SDRF) और अन्य सिविल एजेंसियों के साथ मिलकर चलाए जा रहे हैं.