क्या एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा ‘ चंदा – चोरी संकट ‘ से उबार सकेंगे राम मंदिर ट्रस्ट को

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ऑपरेशन सिन्दूर के लिए सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित और कुछ ही महीने पहले वायु सेना से सेवानिवृत्त हुए एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (shri ram janmabhoomi teerth kshetra trust) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ( सीईओ ) नियुक्त होने के बाद शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे. एयर मार्शल मिश्रा इस ट्रस्ट के पहले सीईओ ( ceo ) हैं.

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का सीईओ बनने के लिए 5585 आवेदन प्राप्त हुए थे . जीवन भर सेना की सेवा करते हुए और लड़ाकू विमान उड़ाने वाले एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को एक धार्मिक संस्था का कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया जाना बहुतों को अचम्भित कर रहा है. ऐसे में सियासी हलकों में , एयर मार्शल मिश्रा की इस पद पर नियुक्ति को , मंदिर के दान चोरी कांड के कारण हुई बदनामी के दाग को सेना के रंग से छिपाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है .

चंदा चोरी /दान चोरी के केस में मन्दिर प्रबन्धन से जुड़े 7 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं और वे अभी जेल में हैं . इस मामले की जांच के दौरान मन्दिर के दान और चन्दा खाते में गड़बड़ियों समेत कई तरह की कमियां सामने आई हैं. ट्रस्ट की भी ओवरहालिंग की जा रही है. ऐसे में एयर मार्शल मिश्रा के लिए इन पहलुओं को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था ठीक करने की चुनौतियां हैं . उनको इस तरह के काम का पहले अनुभव नहीं है.

एयर मार्शल मिश्रा श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले सीईओ के तौर पर शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे और ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराज से मिलने वैदेही भवन गए.

मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के एक गांव के निवासी मार्शल जीतेंद्र मिश्रा जनवरी 2025 से 30 अप्रैल 2026 तक भारतीय वायु सेना की पश्चिमी कमान के कमांडर थे . उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन सिन्दूर में अहम भूमिका निभाई थी . इसके लिए उनको मेडल प्रदान करके सम्मानित भी किया गया था . वे 1968 में भारतीय वायु सेना में आए थे. उनको विभिन्न प्रकार के जहाज़ , फाइटर प्लेन और हेलिकॉप्टर उड़ाने का 3000 घंटे का अनुभव है.