
सुबह उस वक्त द्रास घाटी में धूप खिली हुई थी, जब राजनाथ सिंह ने करगिल वॉर मेमोरियल पर फूल-माला चढ़ाई और उस युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि दी.
उनसे पहले, लद्दाख के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना, सेना प्रमुख जनरल सेठ और नॉर्दर्न कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा समेत सेना के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने समर स्मारक पर फूल-मालाएं चढ़ाई.
तीन हेलीकॉप्टरों ने ‘एरोहेड’ फॉर्मेशन बनाते हुए समर स्मारक पर फूलों की बारिश की. इनमें एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर की अगुआई कर रहा था . दो चीतल हेलीकॉप्टर उसके पीछे थे.
शनिवार को द्रास पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करगिल वॉर मेमोरियल पर आयोजित ‘श्रद्धांजलि समारोह’ (फूल-माला चढ़ाने का कार्यक्रम) में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए.
शनिवार को बारिश वाली शाम को सेना ने समर स्मारक पर ‘शौर्य संध्या’ का आयोजन किया. इसमें 1999 में ऑपरेशन विजय के दौरान भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस को सम्मान दिया गया और शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गई.
रक्षा मंत्री ने करगिल संघर्ष में शहीद हुए सेना के जवानों के कुछ परिवार वालों को एक औपचारिक ‘कलश’ भी सौंपा.
भारतीय सेना यहां ऑपरेशन विजय की 27वीं वर्षगांठ मनाने के लिए कई कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है.
यह मौका 1999 की उस शानदार जीत की याद दिलाता है जब भारतीय सैनिकों ने बर्फ से ढकी चोटियों और पाकिस्तानी सैनिकों की लगातार गोलीबारी का सामना करते हुए उनके कब्जे अपनी चोटियाँ मुक्त करवा कर वापस ली थीं .
पाकिस्तान की तरफ से की गई घुसपैठ के बाद भारत की सीमित लड़ाई को ‘ऑपरेशन विजय’ नाम दिया गया था. कारगिल विजय दिवस 26 जुलाई 1999 को ऑपरेशन विजय के सफल समापन की याद में मनाया जाता है.









