खैर सत्य निकेतन में हॉस्टल की इमारत गिरने के केस में दिल्ली पुलिस ने एफआईआर ( fir ) दर्ज कर ली है . मालिकों पर आरोप है कि उन्होंने दशकों पुरानी इमारत में और मंज़िलें जोड़ीं, जबकि उन्हें पता था कि इसकी नींव इतना अतिरिक्त भार सहने के लिए बहुत कमज़ोर थी. इमारत के गिरफ्तार किए गए मालिक, 81 साल के हरिराम बंसल उर्फ़ गुप्ता को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. उनकी पत्नी, 75 साल की उर्मिला गुप्ता को भी दो हफ़्ते के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा गया है, जबकि उनके बेटे महेश गुप्ता को पुलिस हिरासत में रखा जाएगा.
इस समाचार के लिखे जाने तक गिरी इमारत के मलबे से 12 लोगों को निकाला जा चुका था जिनमें से सात की मौत हो गई थी. उन सातों में पांच छात्र थे.
इस मामले में दर्ज एफआईआर से जो जो बातें सामने आई हैं उसके मुताबिक़ भवन मालिकों , हरिराम बंसल उर्फ गुप्ता और उनके भाई . ने कथित तौर पर ज़्यादा किराया कमाने की चाहत में पुरानी इमारत के ऊपर चार और मंज़िलें बनाईं. हॉस्टल डेज ( hostel daze) नाम की यह इमारत ग्राउंड फ्लोर के अलावा चार मंज़िला थी. रविवार को जब यह गिरी, तो सात लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए.
इमारत तकरीबन 50 साल पुरानी थी. इसके मालिकों ने हाल ही में इसकी मरम्मत करवाई थी और दिल्ली यूनिवर्सिटी के पास होने का फ़ायदा उठाते हुए इसे ‘पेइंग-गेस्ट’ (paying guest) सुविधा में बदल दिया था. एफआईआर के अनुसार, मालिकों को पता था कि इमारत की पुरानी नींव अतिरिक्त भार सहने के लायक नहीं थी. इसके बावजूद, कथित तौर पर अतिरिक्त मंज़िलों का निर्माण जारी रखने दिया गया.
एफआईआर में कहा गया है कि अतिरिक्त मंज़िलों और निर्माण कार्य ने इमारत की मज़बूती और भार सहने की क्षमता पर भारी दबाव डाला, जिससे दशकों पुरानी इमारत अपनी क्षमता से ज़्यादा बोझ तले दब गई. नतीजा बहुत बुरा रहा. इमारत अचानक ढह गई और कई लोग मलबे के नीचे दब गए. इमारत जिस वक्त गिरी तब बेसमेंट में निर्माण कार्य चल रहा था. बेसमेंट में बारिश का पानी भी भर गया था.
रविवार और सोमवार शाम के बीच मलबे से कम से कम 12 लोगों को बाहर निकाला गया. उनमें से सात की मौत हो गई.
मरने वाले 7 लोगों में पांच छात्र शामिल हैं. उनके नाम अभिषेक( 20) , युवराज सोनी ( 20) , पवन( 17), अर्पित (19 ) और अक्षत सिंह यादव ( 18) हैं. 75 वर्षीय मज़दूर सुरेंद्र सिंह की भी मौत हो गई. सातवें पीड़ित की पहचान समाचार लिखे जाने तक नहीं हो पाई थी .
सत्य निकेतन में गिरी इमारत भारतीय वायु सेना के पूर्व सार्जेंट हरिराम गुप्ता ( 81 वर्ष) की पत्नी उर्मिला गुप्ता के नाम पर रजिस्टर्ड थी. हरिराम गुप्ता और उनका बीटा महेश गुप्ता इसका कामकाज संभालते थे. वैसे पांच में से दो मंज़िलों का बिजली कनेक्शन हरिराम के नाम पर रजिस्टर्ड था. हरिराम गुप्ता हार्डवेयर और पेंट की दुकान चलाते हैं. व्यवसाय शुरू करने से पहले, वह वायु सेना रिटायर हुए थे.










