नक्सलियों के गढ़ में सीआरपीएफ यूँ मना रही है लोकतंत्र का उत्सव

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सीआरपीएफ
मतदाता जागरूकता अभियान

केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ-crpf) ने नक्सलवाद से प्रभावित झारखण्ड राज्य में लोकसभा चुनाव में मतदान के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरुक करने के लिए स्वीप अभियान के तहत बेहद दिलचस्प कार्यक्रम और गतिविधियों का आयोजन किया है. इनका मकसद मतदाताओं को न केवल मताधिकार के लिए जागरूक करना है, बल्कि जो युवा मतदाता हैं या जो पात्र है लेकिन निर्वाचक नामावली में नाम जुड़ने से वंचित रह गए हैं, उनको निर्वाचक नामावली में नाम जुड़वाने के लिए भी प्रेरित करना भी है.

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मतदाता जागरूकता अभियान

सीआरपीएफ के झारखण्ड सेक्टर के प्रभारी और पुलिस महानिरीक्षक आईपीएस अधिकारी संजय आनंद लाठकर ने बताया कि अभियान के तहत लोगों को ईवीएम के संबंध में भी जागरूक किया जा रहा है. कुल मिलाकर उद्देश्य ये है कि अधिक से अधिक लोग अपना मतदान कर देश में मजबूत एवं उत्तरदायी लोकतंत्र बनाने में अपनी भूमिका सुनिश्चित करे.

सीआरपीएफ झारखण्ड सेक्टर के इस मतदाता जागरूकता अभियान में सीआरपीएफ बैण्ड एवं एलईडी वैन अहम भूमिका निभा रहे हैं. जगह जगह एलइडी स्क्रीन पर मतदाता जागरूकता संबंधी वीडियो जनता को दिखाया जा रहा है. इसके साथ ही सीआरपीएफ बैण्ड लोकप्रिय संगीत धुनों की मदद से मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित किया जा रहा है.

सीआरपीएफ की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक़ अभियान की शुरुआत 22 अप्रैल को ऑक्सीजन पार्क एवं कचहरी चौक से की गई. बुधवार को चर्च कॉम्लेक्स (सैनिक मार्केट) पर कार्यक्रम किया गया. 28 अप्रैल को न्यूक्लियस मॉल एवं फिरायालाल चौक, 30 अप्रैल को चांदनी चौक एवं सूचना भवन पर और 2 मई को बिरसा चौक एवं विधानसभा के पास सीआरपीएफ बैण्ड एवं एलईडी वैन के माध्यम से मतदाता जागरूकता अभियान चला कर लोगों को उनके मताधिकार के महत्व के बारे में बता कर उन्हे अपने मताधिकार का उपयोग करने हेतु प्रेरित किया जाएगा.

राँची जिला के साथ साथ राज्य के अन्य जिलों में अवस्थित सीआरपीएफ के बटालियन मुख्यालय, कंपनी एवं अन्य कार्यालयों के कुल 149 परिसरों के आसपास बैनर, रैली एवं लाउडस्पीकर की मदद से उक्त मतदाता जागरूकता अभियान पूरे जोर शोर से चलाया जा रहा है.

इस अभियान के तहत झारखंड सेक्टर सीआरपीएफ द्वारा अपने कार्मिकों को सेवा मतदाता प्रकिया से मतदान हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है एवं सेक्टर स्तर पर चरणवार इसकी निगरानी भी की जा रही है ताकि अधिक से अधिक कार्मिक मतदान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सके.