चंडीगढ़ में यातायात पुलिस कर्मियों के तीसरे हाथ का राज

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चंडीगढ़
नई तरकीब

कभी कभी काम के तौर तरीके में छोटा सा बदलाव या छोटी सी चीज़ का इस्तेमाल भी बड़ा असर या दुश्वारियों और दुविधाओं का समाधान ले कर आता है. कुछ ऐसी कहानी है बोर्ड से बने इस हाथ की है, जो कुछ अरसे से, दो राज्यों की साझा राजधानी केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के यातायात पुलिसकर्मियों के हाथ में दिखाई दे रहा है. चंडीगढ़ के सेक्टर 8 के चौक पर ट्रैफिक पुलिस के सिपाही को कुछ दिन आजमायश के तौर पर या यूँ कहें कि ‘पायलट प्रोजेक्ट’ के तौर थमाया गया ये हाथ काम का निकला है. अब ये हाथ और जगह पर भी आजमाया जा रहा है.

असल में कई बार जब ट्रैफिक सिग्नल ख़राब होता है या उन तिराहों या चौराहों पर सिग्नल नहीं होता, वहां तैनात यातायात पुलिस कर्मी को यातायात संचालन के लिए हाथ से इशारा करने के अलावा कोई चारा नहीं होता. ऐसे में उसका हाथ कभी कभी तो वाहन चालकों को दूर से स्पष्ट भी नहीं होता और कभी कभी वो नज़रंदाज़ भी करके आगे बढ़ जाते हैं. पकड़े जाने या टोकने पर उनके पास बहाना भी तैयार होता है, “जी, हाथ दिखाई ही नहीं दिया”. कुछ हद तक शिकायत वाजिब भी होती है और इसका सरल सा समाधान है कि पुलिसकर्मी सफेद दस्ताने पहन ले जो हर मौसम व परिस्थितियों में व्यवहारिक नहीं होता.

चंडीगढ़
अब तो सबको दिखाई देगा.

इन तमाम पहलुओं को ध्यान में रखकर बोर्ड से बने इस बडे से आकार वाले सफेद हाथ का इस्तेमाल शुरू किया गया जो दिन में ही नहीं रात में भी, रिफ्लेक्टर के प्रभाव वाले सामग्री से बने होने के कारण चमकता है.

बोर्ड से बने इस सफेद हाथ को आज़माने का विचार चण्डीगढ़ पुलिस के यातायात प्रभाग के प्रभारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी- SSP ) शशांक आनंद को आया. भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 2006 के हरियाणा कैडर के अधिकारी शशांक आनंद दिल्ली के रहने वाले हैं जहां की यातायात की परिस्थितियां हमेशा से ही चुनौतीपूर्ण रहीं हैं लेकिन इस हाथ का आइडिया उन्हें थाईलैंड में दौरे के समय ट्रैफिक पुलिस कर्मी के पास मौजूद हाथ को देखने से मिला.

चण्डीगढ़ के एसएसपी (ट्रैफिक) शशांक आनंद ने रक्षक न्यूज़ डॉट इन से बातचीत के दौरान इस हाथ के कई फायदे गिनाये. ये न सिर्फ वाहन चालकों को दूर से ही दिखाई देता है बल्कि यातायात पुलिसकर्मी को भी इसका इस्तेमाल करने में दिक्कत नहीं होती. वजन में हल्का होने के साथ ये मज़बूत भी है और सभी तरह के मौसम में इसकी उपयोगिता भी है. थोड़े मज़ाकिया लहज़े में शशांक कहते हैं. ‘गर्मी के मौसम में इससे चेहरे पर हवा भी बढ़िया तरीके से की जा सकती है’. चंडीगढ़ यातायात पुलिस इसे अब और ज्यादा जगह पर इस्तेमाल करेगी.

वरिष्ठ अधिकारी को हमेशा सैल्यूट करने की आदत पड़ी होने की वजह से, सड़क पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी वरिष्ठ अधिकारी या प्रशासनिक अधिकारी की कार को देखते ही सैल्यूट करते हैं (जो करना ज़रूरी नहीं है). अगर ये बड़ी आकृति का हाथ वो इस्तेमाल कर रहे होंगे तो उन्हें यातायात संचालन छोड़कर सैल्यूट करने की ज़हमत भी नहीं उठानी पड़ेगी.