जनरल बिपिन रावत भारत के पहले सीडीएस होंगे

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जनरल बिपिन रावत

भारत के वर्तमान सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत भारत के पहले चीफ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ (CDS) होंगे. उम्मीद के मुताबिक़ रिटायरमेंट के एक दिन पहले 62 वर्षीय जनरल बिपिन रावत के सीडीएस के ओहदे पर नियुक्ति का फैसला कैबिनेट की नियुक्ति मामलों की समिति ने लिया. बीते सप्ताह ही इस ओहदे को कैबिनेट की समिति ने मंजूरी दी थी लेकिन तब इस पद पर जनरल रावत के नाम का ऐलान नहीं किया गया था.

भारतीय नियमों के मुताबिक़ सेनाध्यक्ष का अधिकतम कार्यकाल तीन साल का या 62 साल तक की उम्र तक, जो भी पहले हो, होता है. इस हिसाब से जनरल रावत को 31 दिसम्बर यानि कल रिटायर होना है. भारत में सीडीएस को तीनों सेनाओं यानि थल सेना, वायु सेना और नौसेना के प्रशासकीय मामलों की देखरेख की शक्तियाँ दी गई हैं लेकिन उन सेनाओं की कमांड सेना प्रमुखों के पास होगी. लेकिन हाल ही में गठित की गई साइबर और स्पेस की एजेंसियों का प्रमुख सीडीएस को बनाया गया है. तीनों सेनाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले एकीकृत डिफेन्स स्टाफ के प्रमुख सीडीएस के अधीन होंगे.

16 मार्च 1958 को उत्तराखंड के पौड़ी में पैदा हुए बिपिन रावत के पिता लक्ष्मण सिंह रावत भी भारतीय सेना में थे और बतौर लेफ्टिनेंट जनरल रिटायर हुए थे. जनरल बिपिन रावत ने सेना में 16 दिसम्बर 1978 में उसी 11 गोरखा राइफल्स में कमीशन लिया था जिसमें उनके पिता भी रहे. उन्होंने भारत की थलसेना के 27 वें प्रमुख के तौर पर 31 दिसम्बर 2016 को कार्यभार सम्भाला.

भारत में आखिरकार सीडीएस का पद बना, जिम्मेदारियां और शक्तियाँ घोषित

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