सीआरपीएफ को दो साल में मिलेगी मुख्यालय की आधुनिक नई इमारत

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केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में सीआरपीएफ के मुख्यालय के लिए ली गई भूमि पर इमारत का शिलान्यास किया.

भारत की आंतरिक सुरक्षा की निगहबानी की ज़िम्मेदारी उठा रही केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ-CRPF) को अब अपने मुख्यालय की नई बिल्डिंग मिलने की उम्मीद जल्द पूरी होती नजर आ रही है. केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज राजधानी नई दिल्ली सीआरपीएफ के मुख्यालय के लिए ली गई भूमि पर इमारत का शिलान्यास किया. ये 2.3 एकड़ ज़मीन सीजीओ काम्प्लेक्स में सीबीआई मुख्यालय के बगल में है जो सीआरपीएफ के वर्तमान मुख्यालय से फर्लांग भर की ही दूरी पर है.

12 मंजिला इस इमारत को बनाने में 277 करोड़ रुपये की लागत आएगी और इसे मार्च 2022 तक पूरा बना लेने का लक्ष्य रखा गया है. सीआरपीएफ मुख्यालय की इमारत बनाने के लिए केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD – सीपीडब्ल्यूडी) की भूमिका नोडल एजेंसी के तौर पर होगी. शिलान्यास के अवसर पर सीपीडब्ल्यूडी के महानिदेशक प्रभाकर सिंह ने परियोजना का विस्तृत आडियो वीडियो प्रेजेंटेशन दिया. भूतल के ऊपर इसमें 11 मंज़िल बनेंगी और इमारत का बिल्ड अप क्षेत्र 45675 वर्ग फुट होगा.

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह.

सीआरपीएफ के नफरी में इज़ाफे के साथ साथ इसकी शाखाओं के विस्तार के साथ ही काम करने की जगह की ज़रूरत भी बढ़ती गई लेकिन सीजीओ काम्प्लेक्स के वर्तमान मुख्यालय वाली बिल्डिंग में जगह न होने के कारण उन शाखाओं के लिए अलग अलग जगह दफ्तर बनते रहे जो अब राजधानी दिल्ली में छितरे हुए हैं. सीआरपीएफ मुख्यालय की नई बिल्डिंग बनने के बाद ये सारी शाखाएं एक ही छत के नीचे इकट्ठा होंगी जिससे तालमेल और काम को सुचारू करने में सहूलियत होगी.

शिलान्यास के अवसर पर आये मेहमानों का स्वागत करते हुए सीआरपीएफ के महानिदेशक राजीव राय भटनागर ने उम्मीद ज़ाहिर की कि तमाम आधुनिक सुविधाओं, असरदार नियंत्रण और कमान प्रणाली से लैस ये इमारत समय पर बनके पूरी हो जायेगी जो साढ़े तीन लाख की तादाद वाली सीआरपीएफ के संचालन को बेहतर करेगी. सीआरपीएफ मुख्यालय की इमारत के शिलान्यास के इस अवसर पर केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानन्द राय, कैबिनेट सचिव राजीव गाबा, केन्द्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला, सीआरपीएफ के विशेष महानिदेशक एस एन श्रीवास्तव, अन्य अधिकारी और कार्मिक मौजूद थे.

इस अवसर पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सीआरपीएफ ने 80 और 90 के दशकों में पंजाब और त्रिपुरा से आतंकवाद को समाप्त करने और सीमावर्ती राज्यों मे पूरी शांति बहाल करने में महत्वंपूर्ण भूमिका निभाई थी. उन्होंने कहा कि पड़ोसी देशों ने भारत को विखंडित करने के लिए युवाओं को दिग्भ्रमित करने के द्वारा दो राज्यों में आतंकवाद भड़काने की कोशिश की लेकिन उनकी सभी कोशिशें सीआरपीएफ ने बेअसर कर दी. श्री शाह ने कहा कि चाहे नक्सलवाद या दंगे की स्थिति से निपटना हो या जम्मू-कश्मीेर में शांतिपूर्ण तरीके से अमरनाथ यात्रा का संचालन करना हो या भारत की संसद को सुरक्षाचक्र उपलब्ध कराना हो, सीआरपीएफ के जवान हमेशा अग्रणी बने रहते हैं.

अर्ध सैन्य बलों के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रतिबद्धता का उल्लेख करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि अगस्त -सितम्बर, 2020 तक ऐसी सभी योजनाओं को अंतिम आकार दे दिया जाएगा, उनमें प्रमुख कदम यह होगा कि सभी जवान 365 दिनों में से कम से कम 100 दिन अपने परिजनों के साथ व्यतीत करेंगे. एक कमेटी इस पर काम कर रही है और इस योजना को शीघ्र कार्यान्वित करने के लिए सैन्य बलों के महानिदेशकों से सुझाव मांगे जा रहे हैं. श्री शाह ने कहा कि गृह मंत्रालय जवानों के परिजनों को स्वास्थ्य जांच और अन्य सुविधाएं देने के लिए इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराने हेतु एम्स के साथ बातचीत कर रहा है.

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