हरियाणा में खनन माफिया के ट्रक ने डीएसपी की जान ले ली

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हरियाणा पुलिस
डीएसपी सुरेन्द्र सिंह बिश्नोई की फाइल फोटो

भारत की राजधानी दिल्ली के निकटवर्ती राज्य हरियाणा में अवैध खनन करने वाले माफिया के हौसले इतने बढे हैं कि वे पुलिस पर हमला करने में भी नहीं हिचकिचाते. हरियाणा पुलिस में तैनात उपाधीक्षक (डीएसपी – DSP) सुरेन्द्र सिंह बिश्नोई के साथ जो कुछ मंगलवार को हुआ वो हरियाणा में खनन माफिया के बढ़ते दुस्साहस का एक बड़ा सबूत है. अवैध खनन करके ले जा रहे ट्रक को रोकने और जांच के लिए अपनी टीम के साथ पहुंचे डीएसपी सुरेन्द्र सिंह की जान उसी ट्रक ने ले ली.

59 वर्षीय डीएसपी सुरेन्द्र सिंह बिश्नोई हरियाणा के ही हिसार के आदमपुर क्षेत्र के सारंगपुर गांव के रहने वाले थे. सुरेन्द्र सिंह 12 अप्रैल 1994 को हरियाणा पुलिस में बतौर सहायक पुलिस निरीक्षक (एएसआई – ASI ) भर्ती हुए थे. उन्हें इसी साल 31 अक्टूबर को रिटायर होना था.

दिल दहला देने वाली ये घटना हरियाणा के नूंह ज़िले के तावडू थाना इलाके के पचगांव की है. ड्यूटी करते हुए जान गंवाने के इस मामले में सरकार ने डीएसपी सुरेन्द्र सिंह बिश्नोई के आश्रितों को एक करोड़ रूपये की धनराशि और परिवार के किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है.

पचगांव अरावली पर्वत श्रृंखला क्षेत्र के उन गांवों में से है जहां की पहाड़ियों से बालू – पत्थर का अवैध खनन होता है. डीएसपी सुरेन्द्र सिंह गुरुग्राम के पास नूंह के पचगांव के पास से अवैध खनन करके जा रहे ट्रक की सूचना मिलने पर मंगलवार सुबह तकरीबन 11 बजे अपने दल के साथ पहुंचे थे. जांच के लिए वो पत्थर से लदे ट्रक रुकवा रहे थे. ऐसा ही एक ट्रक उनके ऊपर चढ़ा जब वो अपनी गाडी के करीब खड़े थे. ट्रक का ड्राइवर और क्लीनर इसके बाद ट्रक से उतर कर फरार हो गए. सूचना मिलते वरिष्ठ पुलिस अधिकारी फ़ोर्स के साथ वहां पहुंचे. आसपास के इलाके की घेराबंदी की गई और तलाशी अभियान चलाया गया.

कुछ ही देर बाद क्लीनर तक पुलिस पहुँच गई और उसे काबू करने के लिए गोली भी चलाई. गोली क्लीनर की टांग में लगी है. गिरफ्तार क्लीनर का नाम इकरार है और वो पचगांव का ही रहने वाला है. इस इलाके में अवैध खनन की शिकायते मिल रहीं थी और इसकी जांच का ज़िम्मा एक अधिकारी को दिया गया था. हरियाणा के पुलिस महानिदेशक पी के अग्रवाल का कहना है कि उस अधिकारी के खिलाफ भी जांच होगी.