पुलवामा हमले की बरसी पर बोली सीआरपीएफ अधिकारी – शहादत पर सियासत न हो

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पुलवामा
पुलवामा में शहीद स्मारक पर सीआरपीएफ के एडीजी दलजीत सिंह चौधरी, अन्य अधिकारियों और जवानों ने पुष्पांजलि अर्पित की.

कश्मीर के पुलवामा में लथपुरा में केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल (crpf ) के काफिले पर हमले की तीसरी बरसी पर जम्मू में एक कार्यक्रम में सीआरपीएफ के एक जवान की विधवा को सम्मानित किया गया. सम्मानित की गई यह वीर नारी शाज़िया कौसर हैं जिनके पति नसीर अहमद सीआरपीएफ में हवलदार थे और काफिले में जा रही उसी बस में सवार थे जो आत्मघाती आतंकवादी हमले का शिकार बनी. इस हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के 40 जवानों में नसीर अहमद भी थे.

जम्मू के चन्नी हिम्मत स्थित सीआरपीएफ की 76 वीं बटालियन के परिसर में सोमवार को शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए कराये गए इस कार्यक्रम के दौरान शाज़िया कौसर को कमल सिसोदिया ने सम्मानित किया. उनको एक शाल और प्रतीक के तौर पर बोनसाई पौधा भेंट किया गया. कमल सिसोदिया 76 वीं बटालियन की द्वितीय कमान अधिकारी (second in command) हैं. पुलवामा हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ जवानों में ज़्यादातर 76 वीं बटालियन के थे. इस अवसर कमल सिसोदिया बोली, “पुलवामा में 2019 का सीआरपीएफ पर जो कायराना हमला हुआ वो काफी दुखद और दर्दनाक था लेकिन इन तीन साल में हमने आतंकवादियों को हर मोर्चे में मात दी है और जम्मू कश्मीर में कई आतंकवादी मारे गये हैं. ये हमारे शहीद साथियों को असली श्रद्धांजलि है”.

उन्होंने कहा कि देश के लिए जवानों की कुर्बानी का ताल्लुक पूरे राष्ट्र से है और हमें उनको सियासत से हटकर खुले दिल से याद करना चाहिए.

सीआरपीएफ पर पुलवामा में हुए हमले की तीसरी बरसी पर जम्मू कश्मीर और देश के अन्य हिस्सों में श्रद्धांजलि कार्यक्रम किये गये.

पुलवामा में लथपुरा स्थित शहीद स्मारक पर सीआरपीएफ के अतिरिक्त महानिदेशक आईपीएस दलजीत सिंह चौधरी, अन्य अधिकारियों और जवानों ने पुष्पांजलि अर्पित की. उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी दलजीत चौधरी सीआरपीएफ के जम्मू कश्मीर ज़ोन के प्रभारी भी हैं. उन्होंने कहा कि हम हर साल उन जवानों के बलिदान को दिल से याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं. दलजीत सिंह चौधरी ने कहा कि हमारी फ़ोर्स का काम घाटी में शांति बनाये रखना है और अपने साथियों की कुरबानी को बेकार नहीं जाने देना है.