चाटुकारिता या चूक : आज़ादी के अमृत महोत्सव के मंच की साज सज्जा ने गुड़ गोबर किया

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आजादी के 75 साल
आज़ादी के अमृत महोत्सव के तहत देश के कोने कोने से हज़ारों किलोमीटर से साइक्लिंग करके राजधानी दिल्ली पहुंचें केन्द्रीय सशस्त्र बलों के जवानों के स्वागत के लिए आयोजित कार्यक्रम.

ब्रिटिश हुकूमत से मिली आजादी के 75 साल पूरे होने के जश्न के तौर पर सरकार की तरफ से भारत भर में मनाये जा रहे आज़ादी के अमृत महोत्सव के तहत आज दिल्ली में हुए सबसे बड़े कार्यक्रम के मंच की साज सज्जा ने सारा गुड़ गोबर करके रख दिया. दो अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर देश के कोने कोने से हज़ारों किलोमीटर से साइक्लिंग करके राजधानी दिल्ली पहुंचें केन्द्रीय सशस्त्र बलों के जवानों के स्वागत के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. ये मौका राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) की सुदर्शन भारत परिक्रमा रैली को रवाना करने का भी था.

ऐसा था मंच :

लाल किले पर हुए इस कार्यक्रम के विशाल मंच पर पृष्ठभूमि अथवा सेट के तौर पर लगाये गये विशाल आकार के बोर्ड पर न तो किसी स्वतन्त्रता सेनानी की, न ही आज़ादी को अब तक बचाये रखने में शहीद हुए फौज या पुलिस के किसी नायक की तस्वीर थी. और तो और न ही आज़ादी के गुमनाम शहीदों को समर्पित कोई प्रतीक चिन्ह था. इस बोर्ड पर दो तस्वीर ज़रूर थीं. एक तो भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की और दूसरी केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की. वैसे मंच पर देश के तमाम सशस्त्र बलों के प्रमुख, दिल्ली पुलिस के कमिश्नर राकेश अस्थाना और अन्य शख्सियतों के साथ खुद केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे. बोर्ड पर प्रमुख तौर पर इन दो तस्वीरों के अलावा कार्यक्रम का शीर्षक था. तिरंगे की थीम पर बने बोर्ड पर कुछ हल्का सा दिखाई देने वाला भारत का नक्शा और ऊपर सात केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के लोगो छपे थे.

आजादी के 75 साल
देश के कोने कोने से हज़ारों किलोमीटर से साइक्लिंग करके राजधानी दिल्ली पहुंचे केन्द्रीय सशस्त्र बलों के जवान.

क्यों हुआ ऐसा :

मंच के बोर्ड पर की गई ऐसी साज सज्जा कार्यक्रम के आयोजक केद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और केन्द्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों की चूक या चाटुकारिता का नतीजा थी या फिर कोई कारण था, ये तो जांच होने पर ही पता चलेगा. लेकिन लोगों का इससे अखरना स्वाभाविक क्यूंकि इसके ज़रिये ये तो स्पष्ट हो ही जाता है कि पुलिस संगठनों के ऐसे मंच राजनीतिज्ञों के प्रचार हासिल करने का ज़रिया बनते जा रहे हैं.

शहीदों – महापुरुषों को नमन :

इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल साइकिल रैली का स्वागत किया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिये कई ऐसे लोग भी शहीद हुए जो आज भी गुमनाम हैं. उनका कहीं भी कोई जिक्र नहीं है. ऐसे गुमनाम शहीदों को नमन करने के लिये देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज पूरे देश के लिए बहुत शुभ दिन है. आज हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का जन्म दिवस है. दोनों महापुरषों ने देश के लिये अमिट छाप छोड़ी है. उन्होंने कहा कि आज़ादी से लेकर अब तक भारत के केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के 35 हज़ार जवानों ने अपना बलिदान दिया है.

देशवासियों से अपील :

उन्होंने कहा कि हमारी पीढ़ी देश की आज़ादी मिलने के बाद पैदा हुई पीढ़ी है. हमारे से पहली वाली पीढ़ी ने देश को आज़ाद करने में योगदान दिया. हर किसी को देश के लिए मर मिटने का सौभाग्य भी नहीं मिलता. लेकिन हर कोई देश के विकास में योगदान ज़रूर कर सकता है.

अमित शाह ने कहा कि अगर 130 करोड़ जनता आज़ादी के महोत्सव पर देश को आगे बढ़ाने का एक छोटा सा संकल्प ले तो तो देश एक साथ सही दिशा के 130 करोड़ कदम आगे बढ़ेगा. अगर लोग ये संकल्प ले कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करेंगे, देश के विकास में अपना योगदान देने के लिये हमेशा खड़े रहेंगे, तो देश को आगे बढ़ने से कोई रोक नहीं सकता.

साइकिल रैली के प्रतिभागी :

इस साइकिल रैली में केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ -crpf ) , सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ – BSF ) भारत तिब्बत सीमा पुलिस ( आईटीबीपी -itbp ) , केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ( सीआई एसएफ – cisf ) , सशस्त्र सीमा बल ( एसएसबी – ssb ) और असम रायफल्स ( assam rifles) के जवानों और अधिकारियों ने हिस्सा लिया था. इनमें से कुछ टीम तो कई कई दिन पहले ही देश के अलग अलग कोने से चलीं थीं ताकि आज के दिन महात्मा गांधी की समाधि पर उन्हें नमन कर सकें. ये तकरीबन एक हज़ार जवान देश के उन तमाम स्थानों से होकर यहां पहुंचे जो जो स्थान आज़ादी के आंदोलनों और शहीदों से जुड़े हैं. इन टीमों ने 41 हज़ार किलोमीटर की यात्रा करते हुए जगह जगह कई कार्यक्रम किये और लोगों में आज़ादी के प्रति चेतना जगाई.

सुदर्शन भारत परिक्रमा रैली :

आजादी के 75 साल
राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) की सुदर्शन भारत परिक्रमा रैली को रवाना किया गया.

इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ब्लैक कैट कमांडो की पहचान रखने वाली राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड ( एनएसजी – NSG ) की सुदर्शन परिक्रमा कार रैली को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इसके तहत एनएसजी के 47 ब्लैक कैट कमांडो 15 वाहनों में सवार होकर एक महीने में गोल्डन क्वाड्रीलेटरल ( Golden Quadrilateral ) की 7500 किलोमीटर की यात्रा करेंगे.