भारत में बने लड़ाकू विमान एलसीए तेजस की सबसे अहम कामयाब उड़ान

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लड़ाकू विमान एलसीए तेजस

भारत में बने और डिज़ायन किये गये हल्के लड़ाकू विमान तेजस (LCA -Tejas) ने आखिर उस उड़ान में भी कामयाबी हासिल करके भारतीय वायु सेना में अपनी सेवा देने की आखिरी सीढ़ी भी पार कर ली. तेजस ने मंगलवार की दोपहर बंगलुरु में ये उड़ान भरी जिसकी सरपरस्ती भारतीय वायुसेना के रिटायर्ड एयर कमोडोर और टेस्ट फ्लाइंग चीफ (फिक्स्ड विंग) के ए मुथना ने की.

तेजस का निर्माण और विकास करने वाले हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल HAL) के मुताबिक तेजस की ये उड़ान मानकों पर पूरी तरह पर सफल रही है. एचएएल ने सीईएमआईएलएसी की तरफ से ड्राइंग एप्लिकेबिलिटी लिस्ट (डीएएल DAL) और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी -SOP) जारी होने के 12 महीने के अरसे में ही में ये सफलता हासिल की है.

बंगलुरु में एचएएल हवाई पट्टी से दोपहर 12.30 बजे जब तेजस ने उड़ान भरी तब उसमें पायलट की भूमिका में रिटायर्ड एयर कमोडोर के ए मुथाना मौजूद थे. हवा में ईंधन भरना और बियांड विजुअल रेंज (बीवीआर – BVR) मिसाइल सिस्टम जैसे कई आधुनिक फीचर वाला ये तेजस विमान अपनी इस परीक्षा के तहत तकरीबन 40 मिनट तक आसमान में रहा.

एचएएल के चेयरमैन और एमडी आर. माधवन का कहना है कि इस उड़ान में एलसीए तेजस कार्यक्रम के विभिन्न हितधारकों एचएएल, वैमानिकी गुणवत्ता आश्वासन महानिदेशालय, सेंटर फॉर मिलिटरी एयरवर्थनेस और सर्टिफिकेशन, भारतीय वायुसेना व एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी के काबिले तारीफ़ टीम वर्क की भूमिका रही.

15 और तेजस :

एचएएल के सीएमडी आर माधवन का कहना है कि पहले तेजस की इस कामयाब उड़ान से 15 और विमानों के निर्माण को एफओसी (FOC) ब्लॉक से मंजूरी मिलने का रास्ता साफ होगा. इन तेजस विमानों को अगले वित्त वर्ष में भारतीय वायुसेना को सौंप दिए जाने का प्लान है.

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