हवा से ज़मीन पर मार करने वाली मिसाइल रुद्रम -2 का उड़ान परीक्षण सफल

10
चांदीपुर में रुद्रम II का परीक्षण
चांदीपुर में रुद्रम II का परीक्षण
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (defence research & development organisation) और भारतीय वायु सेना (indian air forcee) ने स्वदेशी रुद्रम-II वायु-से-सतह मिसाइल का हवाई प्लेटफॉर्म से सफल उड़ान परीक्षण किया. अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिचालन परिस्थितियों और महत्वपूर्ण प्रक्षेप पथ पर किए गए इन परीक्षणों ने मिसाइल की सटीकता, विश्वसनीयता तथा इसकी सभी प्रमुख उपप्रणालियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन को प्रमाणित किया.

रक्षा मंत्रालय से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि प्रक्षेपित की गईं सभी मिसाइलों ने पूर्व निर्धारित लक्ष्यों पर अत्यंत सटीकता के साथ प्रहार किया. चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (integrated test range) द्वारा तैनात उन्नत ट्रैकिंग एवं रेंज उपकरणों से प्राप्त उड़ान आंकड़ों ने पुष्टि हुई कि परीक्षण के सभी निर्धारित उद्देश्य सफलतापूर्वक और पूर्ण रूप से हासिल कर लिए गए. यह परीक्षण 2  जून को किया गया .

रुद्रम-II (rudram missile) को स्वदेशी रूप से हैदराबाद स्थित इमारत अनुसंधान केंद्र द्वारा विकसित किया गया है, जो डीआरडीओ ( drdo ) की नोडल प्रयोगशाला है. इसने रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला, उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला, शस्त्र अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान और आईटीआर जैसी अन्य सहयोगी प्रयोगशालाओं  की मदद से  यह काम किया है. विकास सह उत्पादन साझेदारों (डीसीपीपी) के साथ-साथ, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (hal) , क्षेत्रीय सैन्य विमानन योग्यता केंद्र, मिसाइल प्रणाली गुणवत्ता आश्वासन एजेंसी और कई अन्य उद्योगों ने भी इस लक्ष्य को हासिल करने में अहम हिस्सेदारी निभाई .

विज्ञप्ति में कहा गया है कि भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ( defence minister ) ने रुद्रम-II के सफल परीक्षणों के लिए डीआरडीओ, भारतीय वायु सेना, रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों और उद्योग जगत के सभी सहयोगियों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि इन परीक्षणों ने भारत की स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकियों की बढ़ती परिपक्वता, विश्वसनीयता और क्षमता को प्रदर्शित किया है. उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उन्नत हथियार प्रणालियों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ाएगी और हमारी रक्षा तैयारियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.

वहीं , रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर परीक्षण से जुड़ी सभी वैज्ञानिक, तकनीकी व परिचालन टीमों को बधाई दी.