
मुकदमों और बार-बार टलने की वजह से महीनों की देरी के बाद, तमिलनाडु पुलिस को महेश कुमार अग्रवाल के रूप में आखिरकार एक नियमित प्रमुख मिल ही गया . भारतीय पुलिस सेवा के 1994 बैच के अधिकारी महेश कुमार अग्रवाल ने बुधवार को तमिलनाडु के पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस बल प्रमुख के तौर पर कार्यभार संभाला. इससे पहले श्री अग्रवाल सीमा सुरक्षा बल ( border security force) में विशेष महानिदेशक के ओहदे पर थे .
कैबिनेट की नियुक्ति मामलों की समिति ने 1 जून को गृह मंत्रालय के उस प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी, जिसमें महेश कुमार अग्रवाल को बीएसएफ से वापस बुलाने के आदेश दिए गए थे . अभी इस पद का काम संदीप राठौर काम कर रहे थे. अगस्त 2025 में शंकर जीवाल के पुलिस महानिदेशक के तौर पर सेवानिवृत्त होने के बाद , पिछले नौ महीने से तमिलनाडु में कोई पूर्णकालिक डीजीपी नहीं था. इस बीच, संदीप राय राठौर का तबादला कर उन्हें कारागार और सुधार सेवा विभाग का महानिदेशक बनाया गया है.
नए डीजीपी श्री अग्रवाल ने चेन्नई के पुलिस कमिश्नर समेत कई अहम पदों पर काम किया है. उन्होंने पुलिस प्रमुख के तौर पर सेवा करने का मौका देने के लिए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ़ विजय का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि , उनकी पहली प्राथमिकता नशे की समस्या को खत्म करना होगी. उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों के साथ-साथ साइबर अपराधों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी.
श्री अग्रवाल ने जनता से भी अपील की कि वे शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का साथ दें और सहयोग करें. श्री अग्रवाल ने ओहदा संभालने के बाद तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थिरु एम जोसेफ विजय से शिष्टाचार मुलाक़ात की और पुलिस स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की .












