सुखोई से रुद्रम ने सटीक निशाना लगा लक्ष्य भेद डाला

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सुखोई से लक्ष्य भेदने जाती भारत में बनी पहली एंटी रेडिएशन मिसाइल (रुद्रम)

भारत में बनी पहली एंटी रेडिएशन मिसाइल (रुद्रम) का 8 अक्टूबर को ओडिशा के तट से दूर व्हीलर द्वीप पर रेडिएशन परीक्षण किया गया. नई पीढ़ी की इस मिसाइल का परीक्षण लड़ाकू एयरक्राफ्ट सुखोई-30 एमकेआई से किया गया है.

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने भारतीय वायु सेना (आईएएफ IAF) के लिए देश की पहली स्वदेशी एंडी रेडिएशन मिसाइल रुद्रम विकसित की है. इस मिसाइल को लॉन्च प्लेटफॉर्म के रूप में सुखोई एसयू-30 एमकेआई लड़ाकू विमान में एकीकृत किया गया है, इसमें लॉन्च स्थितियों के आधार पर अलग-अलग रेंज की क्षमता है. इसमें अंतिम हमले के लिए पैसिव होमिंग हेड के साथ आईएनएस-जीपीएस नेविगेशन है.

रक्षा मंत्रालय की एक प्रेस विज्ञप्ति में, इस परीक्षण की दी गई जानकारी में बताया गया है कि ‘रुद्रम’ ने रेडिएशन लक्ष्य को सटीकता से मारा.

पैसिव होमिंग हेड एक विस्तृत बैंड पर लक्ष्य का पता लगाने, वर्गीकृत करने और लक्ष्य को उलझा कर रखने की क्षमता वाला है. मिसाइल बड़े स्टैंड ऑफ रेंज से प्रभावी तरीके से दुश्मन के वायु रक्षा को रोकने के लिए आईएएफ का एक शक्तिशाली हथियार है.

इसके साथ ही, भारत ने दुश्मन रडार, संचार साइटों और अन्य आरएफ उत्सर्जक लक्ष्यों को बेअसर करने के लिए लंबी दूरी की हवा में लॉन्च की गई एंटी-रेडिएशन मिसाइल विकसित करने के लिए स्वदेशी क्षमता स्थापित कर ली है.

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