गाज़ा पुलिस चीफ की हत्या उस घटना के एक दिन बाद हुई है जब इज़राइल ने इस इलाके में हवाई हमलों पर लगी एक हफ़्ते की रोक खत्म की थी. गृह मंत्रालय का कहना है कि इस रोक के दौरान भी ज़मीनी हमले नहीं रुके, क्योंकि इज़राइल अक्टूबर में हुए तथाकथित “युद्धविराम” का उल्लंघन करता रहा है.
इज़राइली सेना ने कहा कि उसने “खतरे को खत्म करने” के लिए अबू कामिल को निशाना बनाया. सेना ने बिना कोई सबूत दिए दावा किया कि वह हमास का कमांडर था.
गाज़ा पुलिस फ़ोर्स ने इस दावे को खारिज करते हुए एक बयान जारी किया. बयान में कहा गया कि अबू कामिल “अपनी पुलिस ड्यूटी के प्रति समर्पित थे और उनका अन्य गतिविधियों से कोई लेना-देना नहीं था”.
गाज़ा के गृह मंत्रालय ने कहा कि इज़राइली हमले में अबू कामिल की “हत्या” की गई.
उधर हमास ने भी इस हत्या की निंदा करते हुए एक बयान जारी किया. हमास ने इसे “हमारे फिलिस्तीनी लोगों के खिलाफ़ कब्ज़ा करने वालों द्वारा किए जा रहे क्रूर अपराधों का सिलसिला” और “गाज़ा पट्टी में अराजकता और कानून-व्यवस्था की कमी फैलाने की उनकी दयनीय और नाकाम कोशिशें” बताया.
इससे पहले गुरुवार को, दक्षिण गाज़ा के खान यूनिस में इज़राइली हमले ने दो लोगों को ले जा रही एक मोटरसाइकिल को निशाना बनाया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। इज़राइल ने फिर वही दावा किया कि वह हमास के एक कमांडर को निशाना बना रहा था, लेकिन इसके लिए कोई सबूत नहीं दिया.










