लेफ्टिनेंट जनरल सेठ राष्ट्रीय रक्षा अकादमी ( national defence academy ) और राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय ( national defence college ) के पूर्व छात्र हैं. उन्हें 1991 में 3 मद्रास रेजिमेंट में कमीशन मिला था और उनकी सेवा का शानदार रिकॉर्ड तीन दशकों से अधिक का है. लेफ्टिनेंट जनरल सेठ वर्तमान में भूटान में भारतीय सेना के प्रशिक्षण संस्थान, इंडियन मिलिट्री ट्रेनिंग टीम (IMTRAT) के कमांडेंट हैं.
व्हाइट नाइट कोर को 1 जून 1972 को गठित किया गया था और जिसका मुख्यालय जम्मू जिले के नगरोटा में है. उत्तरी कमांड के सबसे महत्वपूर्ण ऑपरेशनल फॉर्मेशन में से एक है. यह पीर पंजाल रेंज के दक्षिण में जम्मू के मैदानी इलाकों और अखनूर तक फैले एक बड़े क्षेत्र की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है. इस कोर का काम अंतर्राष्ट्रीय सीमा और सीमा नियंत्रण रेखा ( line of control) की सुरक्षा करना है. साथ ही जम्मू, राजौरी, पुंछ और पहले के डोडा क्षेत्र में आतंकवाद-विरोधी और उग्रवाद-विरोधी ऑपरेशन चलाना है. राष्ट्रीय राइफल्स की डेल्टा फोर्स और रोमियो फोर्स इसके ऑपरेशनल कंट्रोल के तहत काम करती हैं.










