भारत के प्रधानमंत्री के लिए दिल्ली में अधिकृत सरकारी आवास के पास रेस कोर्स वायु सैनिक अड्डे ( race course air force station) पर स्थित भारतीय वायु सेना के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को सील किए जाने को लेकर अब तक सैन्य हलकों में आलोचना हो रही थी लेकिन अब इस बात का भी खुलासा हुआ है कि इस मुद्दे पर अपनी रिटायरमेंट से 5 दिन पहले ही भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखा था . यही नहीं उन्होंने इसके तुरंत बाद रक्षा मंत्री से मुलाकात करके भी उन्होंने अपनी चिंता और ऐतराज जाहिर किया था. केंद्र सरकार के ही ‘आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय’ के अधिकारियों के आदेश पर इस स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को सील किया गया था.
खबर है कि 26 अक्टूबर को सिंह ने रक्षा मंत्री को यह विस्तृत पत्र लिखा और तीन दिन बाद उनसे व्यक्तिगत रूप से मुलाकात भी की. उन्होंने रक्षा मंत्री से आग्रह किया कि प्रधानमंत्री आवास के पास स्थित इस महत्वपूर्ण एयर फोर्स स्टेशन की जमीन वायु सेना के नियंत्रण में ही रहनी चाहिए.
आवासन और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) के इस विवादास्पद कदम (स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को सील करने) से रक्षा हलकों में चिंता पैदा हो गई. इस कारण चीफ ऑफ एयर स्टाफ के लिए आयोजित होने वाला विदाई समारोह भी रद्द करना पड़ा था . भारतीय वायु सेना (indian air force ) और रक्षा मंत्रालय, दोनों में से किसी ने भी इस मुद्दे पर आधिकारिक तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की है.
अपने पत्र में, मार्शल एपी सिंह ने 2014 में हुए एक संयुक्त सर्वे का हवाला दिया. यह सर्वे तत्कालीन शहरी विकास मंत्रालय, रक्षा संपदा विभाग (defence estate department) और वायु सेना द्वारा 40 एकड़ से अधिक जमीन के एक हिस्से के लिए किया गया था. उनकी दलील थी कि यह जमीन वायु सेना के पास ही रहनी चाहिए, क्योंकि एयर फोर्स स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स इस स्टेशन के कामकाज में एक अहम भूमिका निभाता है.
भारतीय वायु सेना ने भी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को सील किए जाने को लेकर रक्षा मंत्रालय के सामने अपनी चिंताएं रखी हैं और इस प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की है. इनमें से एक व्यक्ति ने बताया कि वायु सेना ने इस बात पर भी जोर दिया है कि यह स्टेशन एक उच्च-सुरक्षा वाले इलाके में है और हवाई सुरक्षा खतरों को रोकने में इसकी अहम भूमिका है.
अपने पत्र में, एपी सिंह ने एयर फोर्स स्टेशन कॉम्प्लेक्स के इतिहास और उसकी स्थिति का भी जिक्र किया. इस कॉम्प्लेक्स में जमीन के तीन अलग-अलग हिस्से शामिल हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि यहाँ मौजूद सभी सुविधाएं पहले की तरह काम करती रहनी चाहिए.
रेस कोर्स एयर फोर्स स्टेशन पर बने इस खेल परिसर ( sports complex ) में गोल्फ कोर्स, स्विमिंग पूल और अन्य सुविधाएं मौजूद हैं , जिसे पिछले हफ्ते बंद कर दिया गया. केंद्रीय आवासन और शहरी मामलों के मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाले भूमि एवं विकास कार्यालय ( land and development office) ने स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के प्रबंधन को जमीन वापस करने के लिए बेदखली का नोटिस जारी किया है.
यह कदम केंद्र सरकार के उस हालिया अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत इस इलाके में मौजूद कीमती जमीनों को वापस लिया जा रहा है.
पिछले कुछ हफ्तों में, सरकार ने भूमि एवं विकास कार्यालय के जरिए लोक कल्याण मार्ग के पास की अहम जमीनों की समीक्षा शुरू की है. इसका मकसद उन भूखंडों को वापस लेना है, जिनका इस्तेमाल डिफेंस गोल्फ और खेल सुविधाओं के लिए किया जा रहा है.
इससे पहले, केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने संबंधित संस्थाओं से वह जमीन सौंपने को कहा था, जिस पर एयर फोर्स गोल्फ कोर्स बना हुआ है.
अगस्त में, विभाग ने लोक कल्याण मार्ग पर स्थित दिल्ली रेस क्लब को उसकी 53 एकड़ जमीन से बेदखल कर दिया था. इसके पीछे तर्क दिया गया कि इस जमीन की जरूरत किसी सार्वजनिक उद्देश्य के लिए है. इसके अलावा, व्यापक सार्वजनिक उद्देश्यों, प्रशासन और रक्षा बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का हवाला देते हुए, सरकार ने इंडिया पोलो एसोसिएशन से जयपुर पोलो ग्राउंड को भी अपने कब्जे में ले लिया.










