भारत सरकार को आखिर उस अग्निपथ योजना की खामियां चार साल होने पर नज़र आ ही गई जो ठीक से सोचे विचारे आनन – फानन में लागू कर दी गई थी. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन एस राजा सुब्रमणि ने , भारतीय सेनाओं में सैनिकों की भर्ती के लिए लागू, इस योजना में किए गए बदलाव के बारे में जानकारियां दी.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में अग्निवीरों के लिए दो साल के अतिरिक्त सेवा अवसर यानी ‘सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी’ ( second tour of duty) को मंजूरी दी गई है . शुरू से ही खामियों के कारण आलोचनाओं और विरोध के बीच लागू की गई इस योजना में किए गए बदलाव को सुधार बताते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ इसके लिए प्रधानमंत्री का आभार तक ज़ाहिर किया. उन्होंने कहा कि इस फैसले से अग्निवीरों को शुरुआती सेवा अवधि के बाद भी सशस्त्र बलों से जुड़े रहने का मौका मिलेगा.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मुताबिक, यह फैसला सेना में लंबे समय से किए जा रहे सुधारों का हिस्सा है. इसका मक़सद सेना को युवा, फिट, तकनीकी रूप से सक्षम और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार बनाना है. उन्होंने कहा, ‘यह सिर्फ भर्ती नीति नहीं है, बल्कि युद्ध के बदलते स्वरूप के लिए भारतीय सेना को तैयार करने का रास्ता है.’
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ ( chief of defence staff) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने इस फैसले को भारतीय रक्षा बलों और अग्निवीरों के लिए अहम दिन बताया. उन्होंने कहा कि 14 जून 2022 को अग्निपथ योजना शुरू करते समय अग्निवीरों के प्रदर्शन का लगातार आकलन करने और समय-समय पर योजना की समीक्षा करने की बात कही गई थी . अब पहले बैच के अग्निवीरों के चार साल पूरे होने के करीब हैं और उनके प्रदर्शन का आकलन सकारात्मक रहा है.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में अग्निवीरों के लिए दो साल के अतिरिक्त सेवा अवसर यानी ‘सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी’ ( second tour of duty) को मंजूरी दी गई है . शुरू से ही खामियों के कारण आलोचनाओं और विरोध के बीच लागू की गई इस योजना में किए गए बदलाव को सुधार बताते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ इसके लिए प्रधानमंत्री का आभार तक ज़ाहिर किया. उन्होंने कहा कि इस फैसले से अग्निवीरों को शुरुआती सेवा अवधि के बाद भी सशस्त्र बलों से जुड़े रहने का मौका मिलेगा.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मुताबिक, यह फैसला सेना में लंबे समय से किए जा रहे सुधारों का हिस्सा है. इसका मक़सद सेना को युवा, फिट, तकनीकी रूप से सक्षम और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार बनाना है. उन्होंने कहा, ‘यह सिर्फ भर्ती नीति नहीं है, बल्कि युद्ध के बदलते स्वरूप के लिए भारतीय सेना को तैयार करने का रास्ता है.’
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ ( chief of defence staff) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने इस फैसले को भारतीय रक्षा बलों और अग्निवीरों के लिए अहम दिन बताया. उन्होंने कहा कि 14 जून 2022 को अग्निपथ योजना शुरू करते समय अग्निवीरों के प्रदर्शन का लगातार आकलन करने और समय-समय पर योजना की समीक्षा करने की बात कही गई थी . अब पहले बैच के अग्निवीरों के चार साल पूरे होने के करीब हैं और उनके प्रदर्शन का आकलन सकारात्मक रहा है.
उन्होंने बताया कि पहले 25 प्रतिशत अग्निवीरों को मेरिट के आधार पर नियमित सेना में शामिल करने और बाकी 75 प्रतिशत को वापस नागरिक जीवन में भेजने का प्रावधान किया गया था. अब इन 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा का अवसर मिलेगा. इसके बाद जो अग्निवीर नियमित सेवा में जाना चाहेंगे, उन्हें निर्धारित चयन मानकों पर खरा उतरना होगा.










