सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ का रूस दौरा: भारत – रूस रक्षा सहयोग को रफ्तार

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भारतीय सेना प्रमुख, जनरल धीरज सेठ ने रूसी थल सेना के कमांडर-इन-चीफ कर्नल जनरल आंद्रे मोर्दविचेव से मुलाक़ात की.
भारतीय सेना प्रमुख, जनरल धीरज सेठ ने रूसी थल सेना के कमांडर-इन-चीफ कर्नल जनरल आंद्रे मोर्दविचेव से मुलाक़ात की.
भारतीय सेना प्रमुख, जनरल धीरज सेठ (indian army chief gen dhiraj seth)  ने रूस की अपनी तीन दिन की आधिकारिक यात्रा पूरी कर ली है. इस यात्रा के दौरान उन्होंने रूस के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों से मुलाकात की और प्रमुख सैन्य संस्थानों का दौरा किया. कहा गया है कि  यह  दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को नई गति देने वाला दौरा है .

आठ साल में किसी भारतीय सेना प्रमुख की रूस की यह पहली यात्रा थी.

भारतीय सेना के ‘एडिशनल डायरेक्टरेट ऑफ़ पब्लिक इन्फॉर्मेशन’ (ADGPI) के अनुसार, अपनी यात्रा के दौरान जनरल सेठ ने रूस के उप रक्षा मंत्री जनरल यूनुस-बेक येवकुरोव और रूसी थल सेना के कमांडर-इन-चीफ कर्नल जनरल आंद्रे मोर्दविचेव ( colonel general andrei mordvichev ) से मुलाकात की. इन मुलाकातों में संयुक्त क्षमता विकास, प्रशिक्षण के आदान-प्रदान, ऑपरेशनल अनुभव और सेना-से-सेना के बीच सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई.

एडीजीपीआई  ने एक्स ( X) पर पोस्ट किया, “रूस की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान, सेना प्रमुख (COAS) जनरल धीरज सेठ को औपचारिक ‘गार्ड ऑफ़ ऑनर’ दिया गया और उन्होंने मॉस्को में ‘टॉम्ब ऑफ़ द अननोन सोल्जर’ (अज्ञात सैनिक की समाधि) पर श्रद्धांजलि अर्पित की. सेना प्रमुख ने रूसी थल सेना मुख्यालय का भी दौरा किया, जहां  आपसी हित के मुद्दों पर बातचीत हुई। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य सैन्य सहयोग को गहरा करना, प्रशिक्षण गतिविधियों का विस्तार करना और दोनों सेनाओं के बीच क्षमता विकास को मजबूत करना था.”

पोस्ट में बताया  गया है कि जनरल सेठ ने रूसी रक्षा मंत्रालय का भी दौरा किया और उप रक्षा मंत्री जनरल यूनुस-बैक येवका रोव से बातचीत की. यह बातचीत संयुक्त क्षमता विकास, पेशेवर सैन्य आदान-प्रदान और सेना-से-सेना के बीच सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर केंद्रित थी.

इसमें बताया गया है कि अपनी यात्रा के दौरान जनरल सेठ ने रूस में भारत के राजदूत विनय कुमार से भी मुलाकात की और दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की.

जनरल सेठ को औपचारिक ‘गार्ड ऑफ़ ऑनर’ भी दिया गया और उन्होंने मॉस्को में ‘टॉम्ब ऑफ़ द अननोन सोल्जर’ पर श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्हें सेंट पीटर्सबर्ग के ऐतिहासिक ‘पीटर एंड पॉल फोर्ट्रेस’ में पारंपरिक तोप दागने का सम्मान भी दिया गया. एडीजीपीआई पोस्ट किया, “COAS जनरल धीरज सेठ ने रूस की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान सेंट पीटर्सबर्ग में मिखाइलोव्स्काया मिलिट्री आर्टिलरी अकादमी ( mikhailovskaya military artillery academy) का दौरा किया और उन्हें पीटर एंड पॉल किले में पारंपरिक तोप दागने का खास सम्मान मिला. इस यात्रा से आर्टिलरी के आधुनिकीकरण और ट्रेनिंग के तरीकों पर फैकल्टी के साथ बातचीत करने का मौका मिला. इस बातचीत ने भारत और रूस के बीच संस्थागत आदान-प्रदान, बेहतरीन तरीकों को साझा करने और पेशेवर सैन्य सहयोग को मज़बूत करने के महत्व को रेखांकित किया.”

सेना के अनुसार, जनरल सेठ की रूस यात्रा ने दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे भरोसे को और मज़बूत किया और लगातार संस्थागत आदान-प्रदान तथा आपसी फ़ायदे वाले पेशेवर सहयोग के प्रति उनकी साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित किया.