यह मुद्दा मंगलवार को अमेरिकन सीनेट की न्यायपालिका समिति (senate judiciary committee ) की निगरानी सुनवाई के दौरान उठा, जहां लुइसियाना के रिपब्लिकन सीनेटर जॉन कैनेडी और इलिनोइस के डेमोक्रेटिक सीनेटर डिक डर्बिन ने पटेल से इन बदलावों के बारे में सवाल किए. संयुक्त राज्य अमेरिका की सीनेट न्यायपालिका समिति अमेरिकी सीनेट की एक मुख्य स्थायी समिति है जो देश की न्याय व्यवस्था, कानूनों और न्यायिक नियुक्तियों की देखरेख करती है.
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एफबीआई ने पिछले साल अपने भर्ती नियमों में बदलाव करते हुए वेश्यावृत्ति, जानवरों के साथ यौन संबंध और कुछ अन्य व्यवहारों को ‘अपने-आप अयोग्य ठहराने वाली’ ( automatic disqualification) सूची से हटा दिया. इससे उन कुछ आवेदकों पर ब्यूरो में नौकरी के लिए विचार किया जा सकता है जो ऐसे किसी मामले में रहे हों . इन बदलावों को इस साल जून में औपचारिक रूप दिया गया था.
नए नियमों के तहत, जिन लोगों ने 10 साल से भी पहले तीन से कम बार सेक्स के लिए पैसे दिए थे, उन पर एफबीआई की नौकरी के लिए विचार किया जा सकता है, बशर्ते उस समय वे किसी “सार्वजनिक भरोसे” वाले पद पर न हों. पहले के भर्ती नियमों , वेश्यावृत्ति के कारण आवेदक योग्यता के दायरे में आता था .
जानवरों के साथ यौन संबंध का नियम :
इन नियमों में जानवरों के साथ यौन संबंध ( bestiality) और जानवरों के प्रति क्रूरता के मामले भी शामिल हैं. अगर ऐसा व्यवहार आवेदक के 18 साल का होने से पहले हुआ था, तो अब यह अपने-आप अयोग्यता का कारण नहीं बनता. एफबीआई अब इन मामलों की अलग-अलग समीक्षा कर सकती है. जानवरों के साथ यौन संबंध का मतलब है इंसान और जानवर के बीच यौन गतिविधि. इसे जानवरों के साथ दुर्व्यवहार माना जाता है.
कैनेडी ने पटेल से सवाल किया कि संशोधित भर्ती नियमों में जानवरों के साथ यौन संबंध को क्यों शामिल किया गया. कैनेडी ने पूछा, “जब आपने जानवरों के साथ यौन संबंध वाली बात देखी – मैं सम्मान के साथ कह रहा हूं – तो जिस व्यक्ति ने इसकी सिफारिश की थी, उससे आपने यह क्यों नहीं पूछा कि आप किस ग्रह से आए हैं?”
काश पटेल ने कहा कि एफबीआई अधिकारियों ने उन्हें ऐसे लोगों के मामले दिखाए जिन्हें जानवरों के साथ यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया था और बाद में उन्होंने ब्यूरो में शामिल होने के लिए आवेदन किया था.
पटेल ने कहा, “उन्होंने मुझे समझाया और ऐसे मामले दिखाए जिनमें लोगों को इसके लिए मजबूर किया गया था और उन्होंने एफबीआई में आवेदन किया था, इसलिए मुझे लगा कि उन पर विचार किया जाना चाहिए. यह अपने-आप अयोग्य ठहराने वाला मामला नहीं है. ”
कैनेडी ने पूछा कि क्या किसी ऐसे व्यक्ति को अयोग्य ठहराया जाना चाहिए जिसने अपनी मर्जी से जानवरों के साथ यौन संबंध बनाए हों. पटेल ने जवाब दिया, “अगर उसने अपनी मर्जी से ऐसा किया है, तो हां. लेकिन अगर उसे तस्करी के जरिए इसमें धकेला गया था…”
काश पटेल ने कहा कि मानव तस्कर लोगों को जानवरों के साथ यौन संबंध बनाने और अन्य “हर तरह के अपमानजनक कामों” के लिए मजबूर करते थे. उन्होंने कहा कि पीड़ितों को एफबीआई में काम करने का मौका अपने आप नहीं खोना चाहिए.
बाद में कैनेडी ने स्पष्टीकरण मांगा कि क्या कोई व्यक्ति जिसने “अपनी मर्ज़ी से किसी जानवर के साथ यौन संबंध बनाए हों” वह एफबीआई एजेंट बन सकता है.
काश पटेल ने जवाब दिया, “वे नहीं बन सकते.” कैनेडी ने पूछा, “असल में, उन्हें तो जेल में होना चाहिए, है ना?” पटेल ने कहा, “वे सभी जेल में ही हैं.”
यह बातचीत एक सुनवाई के दौरान हुई जिसमें सांसदों ने पटेल से एफबीआई में उनके नेतृत्व, कर्मचारियों में बदलाव और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़ी जांच के बारे में सवाल पूछे.
डेमोक्रेट सीनेटर्स ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ( president donald trump ) से जुड़ी जांच पर काम करने वाले एफबीआई एजेंटों को नौकरी से निकालने को लेकर पटेल से सवाल किए, जबकि रिपब्लिकन ने उनसे अपराध और ब्यूरो की कानून-प्रवर्तन प्राथमिकताओं के बारे में पूछा.
पटेल ने कर्मचारियों से जुड़े फैसलों का बचाव करते हुए कहा कि वह यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि एफबीआई का इस्तेमाल एक “हथियार” की तरह न किया जाए.










