नेपाल सेना मुख्यालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि सिग्देल 13 से 19 सितंबर तक चीन में रहेंगे.
सेना ने कहा कि इस यात्रा से नेपाल और चीन के बीच सैन्य संबंध मजबूत होने और सैन्य कूटनीति के माध्यम से नेपाल की विदेश नीति में योगदान मिलने की उम्मीद है. सिग्देल की अनुपस्थिति में नेपाल सेना के चीफ ऑफ स्टाफ प्रदीप जंग केसी, नेपाल सेना के कार्यवाहक प्रमुख का कार्यभार संभालेंगे.
13वां बीजिंग शियांगशान फोरम 15 से 17 सितंबर तक बीजिंग इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया जाएगा. इस वर्ष इसका विषय “स्थिरता पर आम सहमति बनाना, सुरक्षा प्रशासन को एक साथ आगे बढ़ाना” है.
बयान में कहा गया, “यह फोरम अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा वार्ता के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है और इसमें वरिष्ठ रक्षा अधिकारी, सैन्य नेता, अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय संगठनों के प्रमुख तथा विशेषज्ञ और विद्वान एक साथ आएंगे.”
नेपाल सेना प्रमुख अशोक राज सिग्देल के भी फोरम को संबोधित करने की उम्मीद है.
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बीजिंग की अपनी यात्रा के दौरान, सिगदेल के वरिष्ठ चीनी सैन्य अधिकारियों से मिलने और भविष्य के सैन्य सहयोग पर चर्चा करने की भी उम्मीद है, जिसमें नेपाल-चीन संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘सागरमाथा फ्रेंडशिप’ के अगले संस्करण की तैयारियां भी शामिल हैं.
इसमें कहा गया है कि नेपाल और चीन 2017 से ‘सागरमाथा फ्रेंडशिप’ संयुक्त सैन्य अभ्यास कर रहे हैं, जो आतंकवाद-रोधी कार्रवाई, आपदा प्रतिक्रिया और दोनों सेनाओं के बीच पेशेवर आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित है.










