
रक्षा मंत्रालय की एक प्रेस विज्ञप्ति में इस मुलाक़ात के बारे बताया गया कि बातचीत में संयुक्त गतिविधियों को गति देने, प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान और रक्षा उद्योग में सहयोग बढ़ाने पर ख़ास जोर दिया गया. दोनों पक्षों ने समुद्री व रक्षा संबंधों को मजबूत करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई, ताकि क्षेत्र में शांतिपूर्ण, स्थिर और नियम-आधारित सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके.
भारत और वियतनाम ने सुरक्षा से जुड़े जटिल मुद्दों से निपटने के लिए बहुपक्षीय मंचों पर आपसी समन्वय को महत्वपूर्ण बताया. दोनों पक्षों ने विशेष रूप से आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस (एडीएमएम-प्लस) के तहत सक्रिय भागीदारी की अहमियत पर जोर दिया.
विज्ञप्ति में कहा गया है कि भारत और वियतनाम ने आसियान के नेतृत्व वाले तंत्र के माध्यम से व्यावहारिक रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने की अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई. उन्होंने इस बात पर सहमति जताई कि ‘आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस’ के विशेषज्ञ कार्य समूह जैसे सहयोगी मंच हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने और सामूहिक सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. दोनों पक्ष ‘एयरो इंडिया 2027’ के दौरान भारत में अगली ‘रक्षा नीति वार्ता’ आयोजित करने पर भी तैयार हुए.









