पुलिस अधिकारियों ने बताया थाने के अंदर खड़ी दो कारों की खिड़कियाँ क्षतिग्रस्त हो गईं. इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और थाने में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है. आसपास के इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरा की वीडियो मंगाकर जांच की जा रही है .
पुलिस ने बताया कि अलग-अलग आपराधिक मामलों के सिलसिले में ज़ब्त की गई दो खड़ी गाड़ियों की खिड़कियां धमाके के असर से क्षतिग्रस्त हो गईं.
बठिंडा से एक फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच के लिए वहां से सामग्री के नमूने एकत्र किए. संभावित ग्रेनेड हमले की अफ़वाहों के बारे में पूछे जाने पर, फाजिल्का के पुलिस अधीक्षक ( डी ) सतिंदर कुमार ने कहा, “पुष्टि के बिना कुछ नहीं कहा जा सकता. ”
हालाँकि, उन्होंने पुष्टि की कि अलग-अलग आपराधिक मामलों के सिलसिले में ज़ब्त की गई दो खड़ी गाड़ियों की खिड़कियाँ क्षतिग्रस्त हो गईं. उन्होंने यह भी पुष्टि की कि थाना परिसर में कम तीव्रता वाला धमाका हुआ था.
यह इत्तेफाक है कि धमाके के समय थाने में बेहद कम पुलिसकर्मी मौजूद थे . पुलिस अधिकारी का कहना था बताया कि बिजली कटौती के पंजाब में विरोध-प्रदर्शनों के कारण ज़्यादातर पुलिसकर्मी शहर के अलग-अलग हिस्सों में गए हुए थे. उस समय रात के दो बजे थे और थाने का मेन गेट बंद था इसलिए यह सम्भव नहीं कि तब कोई भीतर आकर धमाके की वस्तु रखकर गया हो . एक आशंका यह भी जताई गई किसी ने थाने के बाहर से तो बमनुमा कोई वस्तु तो थाना परिसर में नहीं फेंकी ..!










