अग्निपथ पर हंगामे के बाद सरकार का फैसला : सिर्फ इस साल भर्ती की उम्र में छूट

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अग्निपथ
सेना में भर्ती की बहुप्रतीक्षित 'द टुअर ऑफ़ ड्यूटी' ( the tour of duty) योजना आज घोषित हो गई. इसे 'अग्निपथ' नाम दिया गया है.

भारतीय सेना में चार साल की अल्पकालिक भर्ती के लिए हाल ही में घोषित ‘अग्निपथ ‘ योजना (agnipath scheme) के तहत आवेदन करने वाले युवाओं को पात्रता के लिए अधिकतम आयु की एकबारगी छूट देने का निर्णय लिया गया है. अग्निपथ योजना के तहत सेना में इस साल (2022) भर्ती के लिए वो नौजवान भी आवेदन कर सकते हैं जिनकी उम्र अधिकतम 23 साल है. वैसे अग्निपथ योजना के तहत सिपाहियों की भर्ती की उम्र साढ़े 17 साल से 21 साल के बीच रखी गई है.

उल्लेखनीय है कि भारतीय सेना के तीनों अंगों ( थल सेना , वायुसेना और नौसेना ) में सिपाहियों की भर्ती के लिए सरकार ने पहली बार इतनी कम अवधि वाली योजना का ऐलान मंगलवार को किया था . सरकार की रक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी ने इस योजना को मंजूरी दी थी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीनों सेनाओं के प्रमुखों की मौजूदगी में ‘अग्निपथ ‘ योजना का ऐलान करते हुए संवाददाता सम्मलेन में जानकारियां दीं थीं. दसवीं से लेकर 12 वीं कक्षा तक पढ़े युवा इस भर्ती के लिए आवेदन कर सकते हैं.

इस भर्ती की सेवा शर्तों को लेकर सैन्य क्षेत्र से मिश्रित प्रतिक्रियायें आ रहीं हैं. कुछ इससे सहमत हैं तो कुछ की तरफ से आलोचना भी हो रही है . कई पूर्व वरिष्ठ सैनिक अधिकारियों और रक्षा विशेषज्ञों ने भी ‘अग्निपथ ‘ योजना से असहमति ज़ाहिर करते हुए सोशल मीडिया पर अपनी टिप्पणियां की हैं या लेख लिखे हैं. वहीँ इस भर्ती के ऐलान के बाद भारत में अलग अलग क्षेत्रों में उन युवाओं ने सडकों पर उतर कर समूहों में विरोध प्रदर्शन भी शुरूं कर दिए जो सेना में भर्ती होने के लिए तैयारी कर रहे हैं. ये नौजवान अग्निपथ योजना में कम वक्त की सेवा समेत अन्य शर्तों पर नाराजगी ज़ाहिर कर रहे हैं तो इनमें से कई ऐसे भी हैं जो 21 साल की उम्र पार कर चुके हैं लेकिन दो साल से सेना में भर्ती रैलियों के निलंबन के कारण उनको फ़ौज में जाने के लिए आवेदन करने का अवसर भी नहीं मिल सका.

रक्षा मंत्रालय की तरफ से 16 जून को जारी एक संक्षिप्त प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि अग्निपथ योजना के तहत सिर्फ इस साल वो युवा भी सेना में भर्ती के पात्र समझे जाएंगे जो 21 साल से ऊपर हैं लेकिन जिनकी अधिकतम आयु 23 साल है.

अग्निपथ योजना क्या है :

अग्निपथ योजना के तहत भर्ती सैनिकों को ‘अग्निवीर ‘ नाम दिया गया है . ऐसे 75 फीसदी अग्निवीरों को चार साल बाद सेना छोडनी होगी. इस दौरान उनको 30 से 40 हज़ार रूपये मासिक वेतन मिलेगा . चार साल बाद सेवा मुक्त होने पर उन्हें तकरीबन 11 लाख रूपये की सेवा निधि राशि मिलेगी. इसमें तकरीबन आधी राशि वह होगी जो उनकी सैलरी में से हर महीने 30 फीसदी काटा जाएगा और उतना ही हिस्सा सरकार की तरफ से जमा किया जाएगा. दोनों जमा राशियों पर मिलने वाला ब्याज भी इस रकम में शामिल होगा.

अग्निवीर को अन्य फायदे :

जो नौजवान 10 वीं पास करके सेना में ‘ अग्निवीर ‘ बनेगा उसे सेवा के दौरान पढ़ाई का अवसर दिया जाएगा ताकि सेना में चार साल पूरा करने के बाद जब वह नागरिक जीवन में लौटे तो कम से कम 12 वीं कक्षा पास हो. इसके साथ ही उस सैनिक को सेना की तरफ से ‘ अग्निवीर कौशल प्रमाण पत्र ‘ भी मिलेगा. ये सर्टिफिकेट उन्हें सेना छोड़ने के बाद दूसरी नौकरी दिलाने में सहायक होगा. सरकार का कहना है ‘ अग्निवीरों ‘ को केन्द्रीय पुलिस बलों और सरकारी विभागों , सार्वजनिक उपक्रमों में रिक्तियों में प्राथमिकता दी जाएगी. हालांकि बुधवार से शुरू हुए हंगामे के बाद ‘ अग्निवीरों ‘ को कुछ राज्यों और संस्थानों ने सेवा में लेने के ऐलान शुरू किये . उन्हों प्राथमिकता देने जैसे ऐलान तो किये लेकिन सेवा की गारंटी नहीं दी.