उत्तराखंड की पवित्र नगरी ऋषिकेश में पहुंची रक्षक वर्ल्ड फाउंडेशन की मुहिम

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1. पर्यावरण संरक्षण कार्यशाला में विद्यार्थी

पर्यावरण संरक्षण के लिए शुरू हुई लव फॉर फाउन्टेन पेन ( love for fountain pen) की मुहिम देवभूमि कहलाने वाले सूबे उत्तराखंड  के पवित्र शहर ( holy city ) ऋषिकेश पहुंची. इसके तहत ऋषिकेश के श्री भरत मंदिर  इंटरमीडिएट कॉलेज में पर्यावरण जागरूकता के लिए दो कार्यशाला , एक विद्यार्थियों व एक अध्यापकों के लिए , आयोजित की गई . विद्यार्थियों ने इस अवसर पर पर्यावरण से सम्बद्ध विषय पर चित्र बनाए . सबको फाउंडेशन की तरफ से लव फॉर फाउन्टेन पेन अभियान के तहत निशुल्क फाउंटेन पेन और स्याही की दवात ( inkpot) वितरित किए  गए.

रक्षक वर्ल्ड फाउंडेशन ने जम्मू कश्मीर के पुलवामा ज़िले के पायर गांव में नवंबर 2022 से ‘ पहला कदम ‘ के नाम से पर्यावरण जागरूकता की शुरुआत की थी जो देश के विभिन्न हिस्सों में अभियान की शक्ल अख्तियार कर रहा है . पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली वस्तुओं के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को लेकर चल रहे इस कार्यक्रम ने ‘ लव फॉर फाउन्टेन पेन ‘ की शक्ल अख्तियार कर ली. इसके तहत दिल्ली , पंजाब व हरियाणा की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में कार्यशाला आयोजित की गई  व फाउंटेन पेन वितरण कार्यक्रम किये गए. उत्तराखंड में यह सिलसिला नैनीताल ज़िले के नथुवाखान के स्कूल में नवंबर में एक कार्यक्रम से शुरू हुआ जिसके बाद अब  ऋषिकेश में 18 दिसंबर को श्री भरत मंदिर  इण्टरमीडिएट कॉलेज यही आयोजन किया गया.

लव फॉर फाउंटेन पेन के कार्यक्रम में श्री भरत मंदिर इंटरमीडिएट कॉलेज के अध्यापक

देश के विभिन्न हिस्सों में मोटर साइकिल पर भ्रमण करते हुए और लोगों को पर्यावरण संरक्षण के संकल्प कराते हुए यहां पहुंचे  रक्षक वर्ल्ड फाउंडेशन के अध्यक्ष संजय वोहरा और उनकी टीम का स्वागत प्रधानाचार्य गोविन्द सिंह रावत ने किया. संजय वोहरा ने  स्कूल में सुबह की असेम्बली में विद्यार्थियों और अध्यापकों के साथ अपनी यात्रा के अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस तरह लगातार बढ़ता हुआ कूड़ा कचरा प्रकृति तथा खुद मानव जाति के लिए  एक खतरा बनता जा रहा है. उन्होंने छोटे छोटे उदाहरण देकर समझाया कि किस तरह एक साधारण व्यक्ति भी थोड़ी सी समझदारी के ज़रिये अपने रोज़मर्रा के काम करते हुए भी संरक्षण के उपाय अपनाकर ‘ पानी ‘ जैसे अनमोल प्राकृतिक संसाधन को बरबाद होने से रोक सकता है .  इसी तरह बढ़ते डिस्पोजेबल सामान जैसे प्लास्टिक या फॉयल की प्लेट , कटोरी , चम्मच व गिलास और पोलीथिन आदि का प्रचलन बढ़ रहा है और यह लगातार कचरे में इजाफा कर रहे हैं . प्लास्टिक के बॉल प्वाइंट पेन भी ऐसी ही एक वस्तुओं में से है.उसका प्रचलन कम करने के लिए फाउंटेन पेन अच्छा विकल्प है जिसे स्याही भरने के बाद बार बार इस्तेमाल किया जा सकता है .

श्री भरत मंदिर इंटरमीडिएट कॉलेज के प्रधानाचार्य के साथ रक्षक वर्ल्ड फाउंडेशन की टीम

स्कूल के विद्यार्थियों ने इस अवसर पर ‘ गंगा ‘ नदी शीर्षक पर चित्र बनाकर अपनी कला का प्रदर्शन किया. इन चित्रों के माध्यम से और उन पर लिखे सन्देश से  उन्होंने गंगा को प्रदूषण आदि से पहुंच रहे नुक्सान पर चिंता ज़ाहिर की. विद्यार्थियों ने अभियान में रुचि दिखाते हुए  पर्यावरण संरक्षण के  संकल्प भी लिए. यह संकल्प ,  उनको निशुल्क उपलब्ध कराए गए सुलेखा पेन व स्याही , से लिखे गए. सुलेखा भारत में बनी पहली स्वदेशी स्याही है जिसकी  शुरुआत , भारत को अंग्रेज़ हुकूमत की गुलामी से छुटकारा पाने के लिए छेड़े गए  स्वदेशी आन्दोलन से हुई थी . स्वतंत्रता सेनानियों ने  पत्र व्यवहार में तो सुलेखा  स्याही का इस्तेमाल किया ही था रविन्द्र नाथ टैगोर और सत्य जीत रे जैसी हस्तियों ने भी अपना लेखन इसी स्याही  से किया .

क्योंकि स्कूल के विद्यार्थियों को टीचर बेहतर व प्रभावशाली  तरीके से समझा सकते हैं इसलिए अध्यापक वर्ग का इस विषय में जागरूक होना ज़रूरी है इसीलिये अध्यापकों को इस तरह की कार्यशालाओं का अनुभव कराया गया. इस अवसर पर अध्यापकों ने भी फाउंटेन पेन से लिख कर संकल्प पत्र भरे . कुछ टीचर्स ने अभियान में स्वेच्छा से आर्थिक योगदान के रूप में सहयोग भी दिया . कार्यशाला के आयोजन में ,  केनडा से आई इसी स्कूल की पूर्व छात्रा व पत्रकार मधु साहनी की विशेष भूमिका रही . कार्यक्रम के आयोजन में सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए  , रक्षक वर्ल्ड फाउंडेशन की तरफ से , स्कूल प्रबंधन को प्रशस्ति पत्र भेंट किया गया  जो प्रधानाचार्य श्री रावत ने स्वीकार किया .

ऋषिकेश का श्री भरत मंदिर  इंटरमीडिएट कॉलेज एक ऐतिहासिक शिक्षण संस्थान है जिसकी स्थापना स्वतंत्रता प्राप्ति से पूर्वे 1942 में हुई थी. पहले यह प्राइमरी स्कूल था जो बाद में मिडिल और हाई स्कूल के बाद 12 वीं तक का स्कूल बना. उत्तर प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कुछ अन्य  हस्तियां भी इस स्कूल की विद्यार्थी रही हैं .