आईपीएस राहुल बंसल 2022 में पुलिस सेवा में आए और उनकी पहली फील्ड पोस्टिंग साल भर पहले ही (अगस्त 2026 ) अंबिकापुर में बतौर नगर पुलिस अधीक्षक ( city sp ) हुई.
यह शिकायत राउज एवेन्यू के विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम)/सीबीआई-11) सुधांशु कौशिक की अदालत में 1 जुलाई 2026 को आकाश कुमार की ओर से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (bnns ), 2023 की धारा 175(3) के तहत दी गई . विशेष अदालत (special court) ने शिकायत जांच के लिए पंजीबद्ध करने के निर्देश दिए. केस की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की तरफ से अधिवक्ता मनमीत सिंह उपस्थित रहे.
विशेष अदालत ने शिकायत पर प्रथम दृष्टया संज्ञान लेते हुए छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक ( director general of police ), केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो ( central investigation bureau ) के निदेशक तथा संबंधित पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी किया है. अदालत ने छत्तीसगढ़ के डीजीपी से पूरे मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट और सीबीआई से शिकायत पर अब तक की गई कार्रवाई का ब्योरा मांगा है.
इस शिकायत में इल्जाम लगाया गया है कि अंबिकापुर में तैनात आईपीएस अधिकारी राहुल बंसल ( ips rahul bansal ) ने साइबर थाने में तैनात 2 उप निरीक्षकों के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचा. इसके तहत हवाला चैनल के माध्यम से 1 करोड़ रुपए से अधिक की रिश्वत की मांग की गई और उसे स्वीकार भी किया गया.
शिकायतकर्ता ने इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (prevention of corruption act) की धारा 7 एवं 7ए तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 308 एवं 351 के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है. इसके साथ शपथ-पत्र भी संलग्न किया गया है.
क्या है मामला :
अदालत में शिकायतकर्ता की ओर से कहा गया कि उसने 8 जून 2026 को सीबीआई निदेशक( cbi director ) को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई. उस शिकायत की प्रति भी अदालत में प्रस्तुत की गई. शिकायतकर्ता ने पुलिस अधिकारियों (police officers) की निष्क्रियता का भी आरोप लगाया.
रिश्वत साइबर फ्रॉड में फंसे आरोपियों के रिश्तेदार से मांगी गई थी मई 2026 में दो किस्तों में दी गई. कुछ दिन बाद इस लेनदेन के बारे में व्हाट्सएप कॉल को शिकायतकर्ता ने एक अन्य फोन के जरिये रेकॉर्ड कर लिया . शिकायतकर्ता का कहना है कि इसकी जानकारी देते हुए उसने 8 जून 2026 को सीबीआई निदेशक को लिखित शिकायत की थी. इस पर जब कार्रवाई नहीं हुई तब उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया.
अब विशेष अदालत ने छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक ( डीजीपी ) से प्रकरण के तथ्य की जानकारी वाली रिपोर्ट मांगी है जबकि सीबीआई डायरेक्टर से एक्शन टेकन रिपोर्ट ( action taken report ) मांगी है ताकि पता चले कि इस पर क्या कुछ कार्रवाई की गई.
कौन है आईपीएस राहुल बंसल :
भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी 32 वर्षीय राहुल बंसल राजस्थान की राजधानी जयपुर के रहने वाले हैं . उन्होंने अपने पांचवें प्रयास में संघ लोक सेवा आयोग ( union public service commission ) की सिविल सेवा परीक्षा 2021 की सिविल सेवा परीक्षा में पास की थी जिसमें उनका 377 रैंक था. उनको आईपीएस सेवा में छत्तीसगढ़ कैडर आवंटित किया गया था. राहुल बंसल ने 2022 में पुलिस सेवा ज्वाइन की और यह उनकी पहली फील्ड पोस्टिंग है . बीटेक की डिग्री हासिल कर चुके राहुल आईपीएस बनने से पहले आयकर विभाग ( income tax department ) में अधिकारी थे. उन्होंने इससे पहले एक प्राइवेट कम्पनी में भी काम किया था .










