अब विवादों के कारण चर्चा में है हिमाचल पुलिस का ऑर्केस्ट्रा ‘हार्मनी ऑफ द पाइन्स’

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'हार्मनी ऑफ द पाइन्स' के सदस्य
'हार्मनी ऑफ द पाइन्स' के सदस्य
राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर खाकी वर्दी का प्रतिनिधित्व करने वाला भारत का पहला पुलिस ऑर्केस्ट्रा ‘हार्मनी ऑफ द पाइन्स’ ( harmony of the pines ) एक बार फिर से सुर्ख़ियों में है लेकिन किसी नए अवार्ड या उपलब्धि के कारण नहीं . इस बार यह विवादित घटनाओं  के कारण चर्चा में आ रहा है .  पूरे प्रकरण की शुरुआत हुई है इसके प्रभारी इंस्पेक्टर विजय कुमार के निलंबन से . इसके बाद  एक स्थानीय कलाकार गोपी जैक्स ने  प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाए गए सवालों से विवाद को तूल मिला . वहीं इस ऑर्केस्ट्रा में तैनात दो महिला सिपाहियों गोपी जैक्स ही नहीं अपने वरिष्ठ अधिकारियों तक पर गम्भीर इलज़ाम  लगा दिए और एफ आई आर दर्ज करने तक की गरज से लिखित शिकायत तक दायर कर दी .

विजय कुमार तीन दशक पुराने पुलिस ऑर्केस्ट्रा ‘हार्मनी ऑफ द पाइन्स’ से इसके गठन के शुरूआती सालों से जुड़े हुए हैं . उन पर आरोप है कि उन्होंने बिना मंजूरी लिए सोशल मीडिया पर कंटेंट पोस्ट किया तथा फेसबुक , यूट्यूब  आदि से कमाई की. उन पर सरकारी सेवा के नियमों और पुलिस रूल्स को तोड़ने के आरोप हैं . इसे देखते हुए उनके खिलाफ इसी जांच शुरू की गई और इसके पूरा होने तक उनको निलंबित कर दिया गया. जांच डीएसपी स्तर का एक अधिकारी कर रहा है जिसे तीन महीने में अपनी रिपोर्ट देनी है .

इस बीच शिमला में ही रहने वाले हिमाचली कलाकार गोपी जैक्स  ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला सिपाहियों की भर्ती पर सवाल खड़े करते हुए उनके बारे में टिप्पणियाँ की . इस पर ‘हार्मनी ऑफ द पाइन्स’ की सदस्या दो महिला पुलिस सिपाहियों ने खुद को बेहद आहत महसूस किया. दीपिका और कृतिका नाम की इन सिपाहियों ने अपनी लिखित शिकायत में कहा है कि उन पर आपत्ति जनक टिप्पणियां की गई जिससे उनको मानसिक प्रताड़ना भी हुई और उनकी प्रतिष्ठा पर भी आंच आई . उन्होंने गोपी जैक्स पर बॉडी शेमिंग का इलज़ाम लगाया जिसका ताल्लुक इनमें से एक सिपाही के शारीर के स्वरुप और वजन से था .

मंच  पर 'हार्मनी ऑफ द पाइन्स' का प्रदर्शन
मंच पर ‘हार्मनी ऑफ द पाइन्स’ का प्रदर्शन
इतना ही नहीं इस शिकायत में हिमाचल पुलिस ( himachal police )  में कमान्डेंट भूपेन्द्र नेगी पर भी इलज़ाम लगाए गए हैं . आरोप लगाया है कि महिला सिपाहियों को निलंबित अधिकारी विजय कुमार से सम्पर्क न करने की हिदायत के साथ धमकी भी  दी गई. सिपाहियों ने शिकायत में कहा कि उनको खबरदार किया गया कि  यदि उन्होंने बात नहीं मानी तो उन पर , उनके आने जाने पर  और उनके फोन पर निगरानी रहेगी. सिपाहियों ने इसे निजता का उल्लंघन का मामला कहा. महिला सिपाहियों का कहना था कि उनकी भर्ती पुलिस में गायिका के तौर पर ही हुई थी.

उधर शिमला के पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है. बीसीएस महिला थाने में शिकायत दी गई है .  उन्होंने कहा कि मामले की शुरूआती  हो रही है जिसमें पूरी निष्पक्षता बरती जाएगी. जांच की जा रही है .  शुरू कर दी गई है .

‘हार्मनी ऑफ द पाइन्स’ हिमाचल प्रदेश पुलिस का ऑर्केस्ट्रा है जिसकी स्थापना  1996 में केवल सात सदस्यों के समूह के तौर पर हुई थी . शुरू में इसे पुलिस बल का तनाव कम करने वाले मनोरंजन के साधन के रूप में लिया गया .  इस ऑर्केस्ट्रा  ने जल्द ही विभिन्न विभागीय कार्यक्रमों में प्रस्तुति देनी शुरू कर दी.  हिमाचल प्रदेश पुलिस का यह ऑर्केस्ट्रा कलर्स टीवी पर प्रसारित होने वाले “हुनरबाज़ देश की शान” कार्यक्रम का फाइनलिस्ट भी रहा .  उन्हें व्यापक लोकप्रियता मिली और बाद में भारत के चुनाव आयोग के ब्रांड एंबेसडर के रूप में नियुक्त किया गया.  इस बैंड की प्रसिद्धि तब नई ऊंचाइयों पर पहुंच गई जब उन्हें भारतीय डाक टिकट पर चित्रित करके सम्मानित किया गया.

2016 में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश सरकार ने आधिकारिक तौर पर बैंड को मंजूरी दी और उन्हें “हार्मनी ऑफ द पाइन्स हिमाचल प्रदेश पुलिस आर्केस्ट्रा” के तौर पर मान्यता दी गई .  इस मान्यता ने उन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर इस खाकी वर्दी का प्रतिनिधित्व करने वाला भारत का पहला बैंड बना दिया. इसने यूरोप समेत कई देशों में शो किए. उनसे होने वाली आमदनी पुलिस कल्याण कोष में जमा होती है .