हरियाणा की एक विशेष अदालत के जज ने गवाही के लिए पहुंचे हरियाणा पुलिस के एक इंस्पेक्टर को एक घंटे तक सलाखों के पीछे बंद करके रखा. राजेश कुमार नाम का यह इंस्पेक्टर सिरसा जिले के बड़ा गुढ़ा थाने के एसएचओ ( sho ) है. सज़ा के तौर पर उसके खिलाफ यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि बार बार आदेश के बावजूद वह उस केस में भी अपनी गवाही देने के लिए नहीं आ रहा था जिसमें जांच अधिकारी था.
यह अदालत हरियाणा के कैथल जिले की है जिसमें मोहित अग्रवाल अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ( additional session judge ) हैं. उनसे पहले यह केस एएसजे विवेक यादव की अदालत में था और पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने समयबद्ध तरीके से केस की सुनवाई 10 जून 2025 करके निर्णय करने के आदेश दिए थे . क्योंकि विवेक यादव छुट्टी पर चले गए थे इसलिए यह मामला सुनवाई के लिए विशेष जज मोहित अग्रवाल की अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया था.
बार बार अदालत के समन के बावजूद जब इंस्पेक्टर राजेश आदालत नहीं आया तो जज ने 29 अगस्त 2025 को उसके गैर ज़मानती वारंट कर दिए थे. साथ ही उसका वेतन भी कुर्क करने का आदेश दिया था. अदालत को इसके लिए कैथल के पुलिस अधीक्षक को आदेश देने पड़े कि इंस्पेक्टर राजेश को गिरफ्तार करके अदालत के सामने पेश किया जाए .
वीरवार सुबह 10.30 बजे जब इंस्पेक्टर राजेश अदालत में पहुंचा तब किसी अन्य केस की सुनवाई चल रही थी जिसमें में साक्ष्य दर्ज हो रहे थे. जज ने आदेश दिया कि जब तक वह कार्रवाई पूरी हो तब तक इंस्पेक्टर राजेश को अदालत के बक्शी खाने में हिरासत में रखा जाए .
अदालत ने यह भी कहा कि चूँकि यह “गौरव उर्फ गोलू बनाम हरियाणा राज्य” मामले में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ( punjab and haryana high court ) के निर्देशों के अनुसार एक समयबद्ध मामला था, इसलिए इस पर 10 जून, 2025 तक निर्णय होना था. अदालत ने कहा कि तत्कालीन पीठासीन अधिकारी, विवेक यादव, अतिरिक्त न्यायाधीश, कैथल के अवकाश पर होने के कारण, यह मामला कानून के अनुसार निपटान हेतु 4 जून, 2025 को इस अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया था.
यह मामला कैथल के सिवन ( siwan ) थाना क्षेत्र के ककहेड़ी गांव में मनीष नाम के युवक की हत्या से जुड़ा है. कत्ल की यह वारदात 2021 में हुई थी. तब इंस्पेक्टर राजेश कुमार सीवन थाने के एसएचओ थे और केस की जांच कर रहे थे.













