कृष्ण भक्ति और अध्यात्म के लिए फोर्स छोड़ने को तैयार हैं आईपीएस अफसर भारती अरोड़ा

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आईपीएस अफसर भारती अरोड़ा
आईपीएस अफसर भारती अरोड़ा

भारतीय पुलिस सेवा की हरियाणा में तैनात वरिष्ठ अधिकारी भारती अरोड़ा एक बार फिर सुर्ख़ियों में हैं. कभी उपलब्धियों के लिए, कभी अहम जिम्मेदारियों को निभाने के लिए तो एकाध बार विवाद की वजह से चर्चा में रहीं अम्बाला की वर्तमान महानिरीक्षक (आईजी – IG ) भारती अरोड़ा ने स्वेच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन किया है. इस आवेदन में पुलिस की सेवा से मुक्त होने की वजह जो वजह उन्होंने बताई है वह दिलचस्प है और चर्चा का विषय भी बनी है. श्रीमती अरोड़ा की इच्छा अध्यात्म और भक्ति के क्षेत्र में जाने और उसमें समय बिताने की है. उन्होंने इसी को कारण बताते हुए मुख्य सचिव और राज्य के महानिदेशक को लिखा है.

भारतीय पुलिस सेवा के 1998 बैच के हरियाणा कैडर की अधिकारी भारती अरोड़ा के पति विकास अरोड़ा भी आईपीएस हैं. वह भारती के बैचमेट भी हैं और वर्तमान में हिसार (दक्षिण रेंज) के पुलिस महानिरीक्षक हैं. पुलिस की सेवा में 23 साल बिता चुकीं 50 वर्षीय भारती अरोड़ा का ये आवेदन मुख्य सचिव विजय वर्धन और पुलिस महानिदेशक मनोज यादव को भी मिला है.

आईपीएस अफसर भारती अरोड़ा
आईपीएस अफसर भारती अरोड़ा

भारती अरोड़ा वही अधिकारी हैं जिनके नेतृत्व में 2007 में उस समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट केस की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी – SIT) का गठन किया गया था जिसमें 68 लोगों की जान गई थी. ये धमाका भारत और पाकिस्तान के बीच चलने वाली ट्रेन में हुआ था और मृतकों में ज़्यादातर पाकिस्तानी नागरिक थे. उस वक्त भारती अरोड़ा एसपी (रेलवे) थीं. भारती अरोड़ा 2013 में गुडगाँव में ज्वाइंट कमिश्नर थीं तो यहाँ की यातायात व्यवस्था में परिवर्तन कर उसे सुचारू बनाने में उनके योगदान की काफी तारीफ़ हुई थी लेकिन इसके साथ ही उस समय यहाँ रहे कमिश्नर नवदीप सिंह विर्क से विवाद के कारण भी वह चर्चा में आई थीं.

2016 में हरियाणा सरकार की बनाई गई गोरक्षा टास्क फ़ोर्स की पहली मुखिया भी भारती अरोड़ा ही थीं. कृष्ण भक्ति करने वाली भारती अरोड़ा ने आल इण्डिया सर्विस रूल्स 1958 के तहत समय से पहले सेवानिवृत्ति के लिए किये आवेदन में, सेवा से इस्तीफा देने के साथ तीन महीने का नोटिस देने के नियम से छूट भी मांगी है. इस आवेदन में उन्होंने गुरु नानक देव, कबीरदास, चैतन्य महाप्रभु, तुलसीदास, सूरदास, मीराबाई आदि संतों – भक्तों का ज़िक्र करते हुए कहा है कि वह खुद भी उसी मार्ग पर चलना चाहती हैं. उन्होंने राजनीति में न जाने की बात भी स्पष्ट की है ताकि उनके नौकरी छोड़ने को लेकर विवाद या अटकलें न हों. भारती अरोड़ा ने पुलिस सेवा त्यागने के पीछे सिर्फ और सिर्फ अध्यात्म को ही कारण बताया है.