बहादुरी के दम पर सीआरपीएफ ने मेडल हासिल करने का इतिहास रचा

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सीआरपीएफ के महानिदेशक राजीव राय भटनागर ने रैंक समारोह (Rank Ceremony) में बारी से पहले प्रोन्नत किये गये जवानों को नये रैंक (फीत) लगाई गई.

नई दिल्ली. केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ-CRPF) ने बहादुरी के लिए साल भर के अंदर सबसे ज्यादा मेडल हासिल करने का भी रिकार्ड कायम किया है. वर्ष 201 -18 के बीच @crpf ने अब तक के इतिहास में सबसे ज्यादा यानि 104 मेडल के अलावा 2 कीर्ति चक्र और 4 शौर्य चक्र भी लिए हैं. इसका खुलासा सीआरपीएफ के महानिदेशक राजीव राय भटनागर ने उस रैंक समारोह (Rank Ceremony) में किया, जिसमें हाल ही में बारी से पहले प्रोन्नत किये गये चार जवानों को नये रैंक (फीत) लगाई गई. ये सभी जवान जम्मू कश्मीर में तैनात हैं और उन्हें उनकी सतर्कता और साहसिक कारनामे की वजह से बारी से पहले ही तरक्की दे दी गई है.

इनमें 45वीं बटालियन के हवलदार ए.एस. कृष्णा को ASI , सिपाही के. दिनेश राजा और प्रफुल्ला कुमार को हवलदार बनाया गया है. इन्होंने बहादुरी का परिचय 5 जून 2017 को उस वक्त दिया जब बांदीपोरा में सुम्बल के सीआरपीएफ कैम्प पर आतंकवादियों ने हमला किया. ये फिदायीन हमला था जिसे न सिर्फ जवानों ने सफलतापूर्वक रोका बल्कि आतंकवादियों को भी धराशायी किया.

23वीं बटालियन के सिपाही जी रघुनाथ उल्हास ने भी कमाल की सूझबूझ और सतर्कता दिखाई थी. वो इसी साल 11 फरवरी का दिन था और तब ये जवान श्रीनगर के करण नगर में सीआरपीएफ परिसर में संतरी ड्यूटी पर तैनात था जब दो संदिग्ध हथियारबंद आतंकियों पर इसकी नज़र पड़ी. अपनी जान की परवाह किये बगैर उसने आतंकियों पर फायर किया. दोनों तरफ से गोलीबारी हुई और इसी बीच और सुरक्षा बल वहां पहुँच गये. दोनों आतंकवादियों का खात्मा कर दिया गया.