सीआरपीएफ में कैडर समीक्षा : एक ही झटके में सिपाही से इंस्पेक्टर तक की तरक्की

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प्रतीकात्मक फोटो

भारत के सबसे बड़े केन्द्रीय पुलिस बल यानि केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में एक झटके में ही बड़ी तादाद में जवानों की तरक्की के साथ वेतन में बढ़ोतरी का फैसला लिया गया है. केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने इस बारे में सीआरपीएफ की तरफ से भेजे गये प्रस्ताव को आज मंजूरी दे दी है. 2 ,037000 की नफरी वाले इस बल में किये गये ऐतिहासिक कैडर समीक्षा के तहत सबसे ज्यादा फायदा ग्रुप ‘बी’ और ‘सी’ सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर या सूबेदार मेजर रैंक तक को होगा जोकि बल में सबसे ज्यादा संख्या में हैं.

एक सरकारी सूचना के मुताबिक सामान्य ड्यूटी के इंस्पेक्टर रैंक के पदों में 91% वृद्धि करके स्वीकृत पदों की संख्या 6271 कर दी गई है जबकि सब इन्पेक्टर के स्वीकृत पदों में दोगुना इज़ाफा करके 17403 कर दिया गया है. इस वजह से इन रैंक में जिन कार्मिकों की तरक्की रुकी हुई थी उन्हें रैंक के साथ साथ वेतन भी बढ़ेगा. इसी तरह सहायक सब इन्स्पेक्टर (एएसआई-ASI ) के 34% और हेड कॉन्स्टेबल (एचसी-HC) के 40% पद बढ़ाए गये हैं.

कैडर समीक्षा के कारण उन सिपाही से लेकर इन्स्पेक्टर रैंक तक कार्मिकों को तरक्की मिलने का मौका अब 3 से 5 साल पहले आयेगा. रैंक के साथ साथ जिम्मेदारियां भी बढ़ेंगी लेकिन इसके लिए उन्हें तय मापदन्डों पर खरा उतरना होगा. दरअसल सीआरपीएफ प्रबंधन और सरकार के लिए ये फैसला लेना एक मजबूरी भी थी क्यूंकि बल में रिटायरमेंट की उम्र 57 से बढ़ाकर 60 साल की गई है लिहाज़ा अगले तीन साल तक बल में सेवानिवृत्ति न होने से बहुतों के तरक्की पाकर अगले रैंक तक पहुँचने का रास्ता बंद हो चुका था. सीआरपीएफ के 1939 में हुए गठन के बाद से ये अब तक का सबसे बड़ा कैडर रिव्यू है.

कश्मीर में आतंकवाद से लेकर पूर्वोत्तर में घुसपैठ और पूर्वी तथा मध्य भारत में नक्सलियों की हिंसा से लेकर तरह तरह की चुनौतियों का सामना करते हुए भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए मज़बूत दीवार का काम करने वाली सीआरपीएफ का मनोबल बढ़ाने के नज़रिये से भी सरकार के इस कदम को अहम और ज़रूरी माना जा रहा है.

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