शनिवार की रात कराची में अर्द्धसैनिक बल ‘पाकिस्तान रेंजर्स’ के प्रांतीय मुख्यालय पर हुए यह हमला हुआ था जिसमें तीन पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी और तीन आतंकवादी मारे गए.
पाकिस्तानी तालिबान से अलग हुए गुट ‘जमात-उल-अहरार’ ने कराची इस हमले की जिम्मेदारी ली है . पाकिस्तान की सेना और गृह मंत्री मोहसिन नक़वी ने दावा किया कि यह हमला किसी “भारतीय प्रॉक्सी” ने किया था, लेकिन उन्होंने अपने इस आरोप के समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया.

बेबुनियाद आरोप – रणधीर जायसवाल
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ( randheer jaiswal) ने कहा, “हमने कराची की हालिया घटना के बारे में भारत पर बेबुनियाद आरोप लगाने वाली पाकिस्तानी रिपोर्ट देखी हैं.”
उन्होंने कहा, “हम उन्हें पूरी तरह से खारिज करते हैं. दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय, पाकिस्तान के लिए बेहतर होगा कि वह आत्ममंथन करे, अपनी ज़मीन पर मौजूद आतंकी नेटवर्क के खिलाफ ठोस कार्रवाई करे और राज्य की नीति के तौर पर आतंकवाद का सहारा लेने की अपनी आदत को छोड़े.”
रेंजर्स मुख्यालय पर हमला :
शनिवार शाम को एक आतंकवादी ने बंदरगाह शहर कराची में पाकिस्तान रेंजर्स के मुख्यालय में विस्फोटकों से लदा वाहन घुसा दिया, जिससे सुरक्षा बलों के साथ भीषण गोलीबारी शुरू हो गई.
तकरीबन डेढ़ घंटे तक चली इस मुठभेड़ में पाकिस्तान रेंजर्स ( pakistan rangers ) के तीन सदस्य मारे गए और चार अन्य घायल हो गए. पाकिस्तान की सेना ने एक बयान में कहा कि तीन आतंकवादी मारे गए और चौथा, जो अफगान नागरिक था, पकड़ा गया.
सेना ने कहा कि पाकिस्तान हमले के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करेगा. पाकिस्तान ने हाल के महीनों में अफगानिस्तान पर हवाई हमले किए हैं, और कहा है कि उन्होंने देश के अंदर हमलों के लिए जिम्मेदार आतंकवादियों को निशाना बनाया है.
भारत ने हाल के वर्षों में इसी तरह के आतंकवादी हमलों में शामिल होने के पाकिस्तानी अधिकारियों के आरोपों को खारिज किया है.













