एशियन मास्टर्स एथलेटिक्स में पुलिस अधिकारी नीरज शर्मा पर होंगी सबकी निगाहें

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उत्तर प्रदेश पुलिस के सब इंस्पेक्टर नीरज शर्मा.

सोचिये, दिसंबर के पहले हफ्ते में यह देखना कितना दिलचस्प होगा जब नीरज शर्मा और जटाशंकर मिश्र जैसे पुलिस अफसर और राजेश कुमार सिंह जैसे डिफेंसकर्मी समेत 40 से 60 साल तक की आयु वाले विभिन्न स्थानों पर कार्यरत एथलीट अपना दमखम और हौसला दिखाएंगे. स्वर्ण पदक जीतने के लिए ट्रैक पर भी दौडेंगे और गोला और भाला आदि भी फेकेंगे. यह सब देखने को मिलेगा 2 से 7 दिसंबर तक मलेशिया के क्वालालम्पुर में होने वाली 21वीं एशियन मास्टर्स एथलेटिक्स चैम्पियनशिप 2019 में. यह ओपन इवेंट है. इसमें करीब 20 देशों के प्रतिभागी शिरकत करेंगे.

एशियन मास्टर्स एथलेटिक्स में 60 साल के मोहन सिंह आर्या 5 स्पर्धाओं में भाग लेंगे तो 35 से 50 साल आयु की महिला एथलीट भी अपना दमखम दिखाएंगी. सबसे खास होगा उत्तर प्रदेश पुलिस के सब इंस्पेक्टर नीरज शर्मा का भाग लेना. वह पिछले साल हार्ट सर्जरी करा चुके हैं. उनकी आयु 55 साल है. वर्तमान में यूपी पुलिस सेंट्रल स्टोर, कानपुर में तैनात नीरज शर्मा गजब के दिलेर और जुनूनी अधिकारी और एथलीट हैं. दिल का दौरा भी उन्हें उनके जुनून को डिगा नहीं पाया. …और अब वह क्वालालम्पुर में डिस्कस थ्रो, शाटपुट और जेवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक की उम्मीद लगाए हैं. वह कहते हैं, मुझे पक्का यकीन है…गोल्ड जरूर जीतूंगा.

नीरज शर्मा
सब इंस्पेक्टर नीरज शर्मा के पदक और सर्टिफिकेट.

उनके इस यकीन पर भरोसा किया जा सकता है क्योंकि पिछले साल जब उनकी हार्ट सर्जरी हुई थी उसके तुरंत बाद वह अलीगढ में हुई स्टेट एथलेटिक चैम्पियनशिप में तीन गोल्ड मेडल जीतने में कामयाब हुए थे. नीरज को पुलिस में सराहनीय कार्य और खेलों में स्वर्णिम योगदान को देखते हुए राष्ट्रपति से सेवा मेडल भी मिल चुका है.

नीरज का शुरुआती जीवन : नीरज की कहानी दिलचस्प भी है और रोमांचित करने वाली भी. मूलत: एटा जिले के रहने वाले नीरज के पास बचपन में पहनने के लिये जूते तक नहीं होते थे. आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी. लेकिन मास्टर पिता (स्व.) सूरजपाल शर्मा और सेना में कैप्टन चाचा महावीर प्रसाद शर्मा (9 Guards) की हौसला आफजाई ने नीरज की जिंदगी को नई दिशा दे दी.

नीरज के एक चाचा महेश चंद्र शर्मा पुलिस में इंस्पेक्टर रहे. 1979 में एटा के जवाहरलाल नेहरू डिग्री कालेज से ग्रेजुएट नीरज को जेवलिन थ्रो, डिस्कस थ्रो और 110 मी. हाई हर्डल (बाधा दौड़) में जब आगरा यूनिवर्सिटी चैम्पियन बनने का गौरव हासिल हुआ तो उनके फौजी चाचा को लगा कि हमारा भतीजा देश के लिए भी कुछ कर सकता है. सो, 1981 में वह नीरज को मिलिट्री में भर्ती कराने के लिए ले गये. खेल कोटे (वालीबाल) से कांस्टेबल पद पर उनका चयन भी हो गया. यह “खिलाडी नीरज” की पहली सफलता थी लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. एक पारिवारिक ट्रेजडी के कारण वह फौज में नहीं जा पाए. लेकिन वर्दी पहननी है…ये नीरज ने तय कर लिया था.

खेल ने दिलाया मुकाम : दो साल बाद नीरज की तमन्ना उनके खिलाडी जज्बे ने पूरी कर दी. खेल कोटे से वह यूपी पुलिस में चुन लिए गये कांस्टेबल पद पर. अब उनके लिए नया मंच सजा था. उनका चयन उत्तर प्रदेश पुलिस वालीबाल टीम में हो गया. उस टीम के कप्तान अर्जुन अवार्ड विजेता डिप्टी एसपी (DySP) रणवीर सिंह थे. नीरज का शुरुआती रुझान ज्यादातर वालीबाल पर था. लेकिन उनके बाएं घुटने में दिक्कत के कारण वालीबाल छोडनी पडी और एथलेटिक्स में मशक्कत करनी शुरु की. यहाँ भी नीरज ने झंडे गाड़ दिए. डिस्कस थ्रो और जेवलिन थ्रो तो उनका प्रिय था ही लेकिन हाई हर्डल (110 मी. बाधा दौड़) के वह मास्टर थे. उन्होंने तमाम प्रदेश स्तरीय और राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में सफलता हासिल की.

स्माल आर्म्स फैक्टरी के राजेश कुमार सिंह

स्माल आर्म्स फैक्टरी में कार्यरत राजेश कुमार सिंह.

दूसरी तरफ कानपुर की स्माल आर्म्स फैक्टरी में बतौर Rigger कार्यरत आजमगढ के मूल निवासी राजेश कुमार सिंह भी क्वालालम्पुर में होने वाली 21वीं एशियन मास्टर्स एथलेटिक्स चैम्पियनशिप 2019 में झंडा गाडने को बेताब हैं. उम्र 50 साल है लेकिन हौसला किसी युवा जैसा है. वह भी कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भागीदारी कर चुके हैं. वह आगे भी अपने सफर को यूं ही जारी रखना चाहते हैं. राजेश लांग जम्प, शाट पुट और डिस्कस थ्रो में अपना दम दिखाएंगे.

राजेश 1992-93 से एथलेटिक्स की विभिन्न स्पर्धाओं में परचम लहराए हुए हैं. उस साल सिविल सर्विसेज स्टेट चैम्पियनशिप उत्तर प्रदेश में लम्बी कूद में पहले स्थान पर रहे. 100 मी. और जेवलिन थ्रो में रजत पदक से संतोष करना पडा. 1998-99 में हिसार (हरियाणा) में हुई आल इंडिया सिविल सर्विसेज एथलेटिक टूर्नामेंट में डेकाथलान में राजेश ने गोल्ड जीता. 2010 में राजेश ने तीन गोल्ड जीते जब यूपी स्टेट मास्टर एथलेटिक में 100 मी., लम्बी कूद और 400 मी. बाधा दौड में वह प्रथम आए. यह सिलसिला शानदार ढंग से चलता रहा. वह 2011 में केलिफोर्निया में हुई वर्ल्ड मास्टर एथलेटिक चैम्पियनशिप और 2018 में स्पेन में हुई इसी प्रतियोगिता के लिए चुने गये.

उत्तर प्रदेश पुलिस के सब इंस्पेक्टर नीरज शर्मा ने 54 की उम्र में किया ये कमाल !

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