नगरोटा हमला : मेजर अक्षय गिरीश की मां के अनुरोध पर जांच समिति बनी

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मेजर अक्षय गिरीश
शहीद मेजर अक्षय गिरीश (फाइल फोटो) और उनकी मां मेगना गिरीश.

भारत के रक्षा मंत्रालय ने 2016 में नगरोटा आतंकवादी हमले के दौरान प्राणों की आहुति देने वाले मेजर अक्षय गिरीश की माँ मेगना गिरीश के अनुरोध के बाद इस घटना की जांच के लिए कमेटी का गठन किया है. खुद भारत की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने ट्वीट करके इसकी जानकारी सार्वजनिक की है.

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि मेगना गिरीश की सलाह के मुताबिक, उनके पुत्र मेजर अक्षय गिरीश ने जिस घटना में सर्वोच्च बलिदान दिया, उसकी जांच के लिए समिति गठित की गई है और समिति के सदस्यों के सामने अपनी बात रखने के लिए मेगना गिरीश को आमंत्रित किया गया.

उल्लेखनीय है कि नगरोटा में सेना के कैम्प पर 29 नवंबर 2016 को प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के हमले में भारतीय सेना के दो अधिकारियों समेत 7 जवानों की जान गई थी. इस घटना में तीन पाकिस्तानी आतंकवादी मारे गये थे और उनसे बड़ी मात्रा में हथियार, गोलियां, विस्फोटक और दूसरा सामान बरामद किया गया था.

नगरोटा हमले की जांच, राष्ट्रीय महत्व के मामलों की छानबीन करने वाली, भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी-NIA) को सौंपी गई थी. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी-NIA) ने दिसंबर 2016 में इस सिलसिले में मामला दर्ज किया था जिसमें रणबीर पेनल कोड (RBC) की 120B ,121, 307 और शस्त्र अधिनियम की 7 और 27 धाराएँ लगाई गईं थीं.

इस मामले में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने नेपाल से आये से मुनीर उल हसन कादरी को राज्य के उत्तरी हिस्से में लोलाब इलाके से गिरफ्तार किया था जिसे बाद में एनआईए के सुपुर्द किया गया था. जम्मू कश्मीर में आतंकवादी जैश-ए-मोहम्मद के लिए काम करने वाले मुनीर उल हसन कादरी से पूछताछ के बाद खुलासा किया गया था कि उसकी नगरोटा हमले समेत, जम्मू कश्मीर में कई और आतंकवादी वारदात में भूमिका रही है.

मुनीर कादरी पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद के सरगनाओं से लगातार सम्पर्क में था. वारदात वाले दिन से एक दिन पहले उसे पाकिस्तान से तीन आतंकवादियों की ताज़ा घुसपैठ होने की सूचना भी मिल गई थी.