यह संभवत पहला ऐसा मौका है जब पंजाब पुलिस के किसी अधिकारी के बारे में अमेरिका की सघीय जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टीगेशन ( federal bureau of investigation) ने इस तरह की पड़ताल कर रिपोर्ट जारी की हो. यह अधिकारी हैं इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा जो अभी तक तह टांडा थाने के प्रभारी यानि एसएचओ थे लेकिन इंटरनेट और सोशल मीडिया पर एफबीआई के खुलासे वायरल होने के बाद ही इनको लाइन हाज़िर कर दिया गया है .
इंस्पेक्टर नागरा पर गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के संगठित अपराधी गिरोह की मदद करने का इलज़ाम है और जो अमेरिका की जांच के दायरे में हैं. एफबीआई ( fbi) अमेरिकी एजेंसी की तरफ से उन पर बड़े पैमाने पर रैकेट चलाने का आरोप लगाए जाने के बाद पंजाब पुलिस ने भी नागरा के खिलाफ जांच शुरू कर दी है. मुख्य तौर पर आरोप है कि इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा ने भगवानपुरिया के अपराध सिंडिकेट के साथ मिलकर पीड़ितों को हत्या के मामले में झूठा फंसाने और आपराधिक मुकदमा चलाने की धमकी देकर धन ऐंठा है .
यह आरोप इस हफ़्ते ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ ( operation hardball ) के तहत सामने आए तीन अभियोगों में से एक का हिस्सा हैं. यह एक बहुराष्ट्रीय जांच है जो अमेरिका, कनाडा और यूरोप में हत्या, जबरन वसूली, ड्रग तस्करी और अन्य अपराधों में शामिल संगठित अपराध समूहों के खिलाफ की जा रही है.
वायरल वीडियो :
इंस्पेक्टर नागरा के खिलाफ यह कार्रवाई फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) की एक मीडिया ब्रीफिंग का वीडियो वायरल होने के बाद की गई. इस वीडियो में अधिकारियों ने उन पर आरोप लगाया कि उन्होंने लॉस एंजिल्स के एक परिवार से चार लाख डॉलर( $400,000) ऐंठने में अपराधी गिरोहों के नेटवर्क की मदद की. इसके लिए भारत में उनके रिश्तेदारों के खिलाफ हत्या के झूठे आरोप लगाने की धमकी दी गई थी.
ऐसा कहा जा रहा है कि एफबीआई की तरफ से प्रेस बयान देने से पहले पंजाब सरकार या पुलिस को आधिकारिक तौर पर इस बारे में नहीं पता था . हालांकि वीडियो वायरल होने के तुरंत बाद, होशियारपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ( एसएसपी ) संदीप कुमार मलिक ने एहतियात के तौर पर एसएचओ नागरा को पुलिस लाइन्स भेजने का आदेश दिया.
एसएसपी का कहना था कि अब तक पंजाब पुलिस को एफबीआई के कथित दावों के बारे में नई दिल्ली या पंजाब सरकार से कोई आधिकारिक पुष्टि या सूचना नहीं मिली है.
हालांकि, पुलिस ने जालंधर के पुलिस अधीक्षक ( superintendent of police ) की देखरेख में अधिकारी के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं. अधिकारियों ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही तथ्य स्पष्ट होंगे और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अमेरिका के दावे :
अमेरिकी एजेंसी के अधिकारियों का कहना है कि भगवानपुरिया गिरोह के कथित सदस्य गुरलाल सिंह ने लॉस एंजिल्स में एक पीड़ित के बारे में नागरा को जानकारी दी थी, ताकि उस व्यक्ति पर हत्या का झूठा आरोप लगाया जा सके.
अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, नागरा ने फिर कथित तौर पर पीड़ित के पिता से संपर्क किया और उन्हें बताया कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो उनके खिलाफ आपराधिक आरोप लगाए जाएंगे. उन्होंने हत्या की जांच में पीड़ित का नाम शामिल करने की धमकी भी दी. पुलिस अधिकारी के ख़िलाफ़ अमेरिका के आरोप एक बड़े मामले का हिस्सा हैं, जिसमें 37 आरोपी शामिल हैं. इन पर कई देशों में काम करने वाले तीन अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराधी गिरोहों में शामिल होने का आरोप है.













