राजस्थान की अजमेर सेंट्रल जेल ( ajmer central jail) में तैनात दिव्या चौधरी नाम की एक जेलर को गिरफ्तार करके उसी जेल में बंद कर दिया गया. इलज़ाम है कि उनहोंने बिना इजाज़त दो महिला कैदियों को अपने घरेलू काम कराने के लिए दो महिला कैदियों जेल से बाहर निकाला था. इनमें से एक कैदी तो हत्या के केस में उम्र कैद की सज़ा काट रही है.
घटना तो जुलाई की है लेकिन यह केस अगस्त में दर्ज हुआ था. पुलिस का कहना है कि इसके बाद जेलर दिव्या फरार हो गई . उसे निलंबित भी कर दिया गया था . अब तकरीबन दो महीने बाद उसे कोटा से गिरफ़्तार कर लिया गया.
अजमेर के पुलिस उपाधीक्षक (उत्तर) शिवम जोशी ने बताया कि दिव्या चौधरी को बुधवार को गिरफ़्तार किया गया और फिर अदालत में पेश किया गया. अदालत से दिव्या चौधरी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया .
डीएसपी शिवम जोशी ( dsp shivam joshi) ने बताया कि अजमेर सेंट्रल जेल में जेलर के तौर पर तैनात दिव्या ने कथित 12 जुलाई को दो महिला कैदियों , किरण और सना (जो अलग-अलग मर्डर केस में उम्रकैद की सज़ा काट रही थीं) , , को कोर्ट की इजाज़त के बिना और जेल रिकॉर्ड में एंट्री किए बिना एक प्राइवेट गाड़ी में जेल से बाहर निकाला था.
उन्होंने बताया कि इन दोनों कैदियों को दिव्या के प्राइवेट फ़्लैट पर ले जाया गया, जहां उनसे काम करवाया गया . जेल के मुख्य द्वार से कैदियों को बाहर ले जाते वक्त वहां के स्टाफ ने ऐतराज़ भी किया था. आरोप है कि दिव्या चौधरी ने उनको उलटा धमकाया.
इस घटना के बाद, 5 अगस्त 2028 को अजमेर के सिविल लाइन्स थाने ( civil lines) थाने में केस दर्ज किया गया और दिव्या तथा इस घटना में उसका साथ देने वाली जेल की एक गार्ड सोनिया चौधरी को निलंबित कर दिया गया.
शिवम जोशी ने बताया कि पुलिस ने टेक्निकल सबूतों का इस्तेमाल करके दिव्या की लोकेशन का पता लगाया और उसे कोटा के एक रिहायशी फ़्लैट से गिरफ़्तार किया. वैसे पुलिस अभी भी सोनिया की तलाश कर रही है.










