पत्रकारों के साथ पुलिस ने ऐसा व्यवहार तब किया जब वे कॉकरोच जनता पार्टी (cockroach janta party ) और विपक्षी दलों की तरफ से आहूत विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जमा नेताओं व कार्यकर्ताओं से संबंधित समाचारों का संकलन कर रहे थे. प्रदर्शनकारी चुनावी गड़बड़ियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (chief election commission ) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे .
प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया (press club of india ) और इंडियन विमेंस प्रेस कॉर्प्स (indian women press corps) ने एक संयुक्त बयान जारी कर बताया कि कई पत्रकारों को उनके प्रेस पहचान पत्र दिखाने के बाद भी हिरासत में लिया गया. उन्होंने कहा कि कुछ पत्रकारों के फ़ोन और उपकरण भी ज़ब्त कर लिए गए.
सोशल मीडिया पर भी इस तरह की तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं जिनसे पुलिस का पत्रकारों के प्रति ज्यादतियों वाला रवैया स्पष्ट होता है .
समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया ( पीटीआई ) के मुताबिक विभिन्न पत्रकार संगठनों ने दिल्ली पुलिस के रवैये की आलोचना करते हुए इन हरकतों के लिए निंदा की है. प्रेस क्लब ऑफ़ इन्डिय ( पीसीआई) , महिला पत्रकारों की संस्था आईडब्ल्यूपीसी ( iwpc), दिल्ली यूनियन ऑफ़ जर्नलिस्ट्स (delhi union of journalist ) और केरल यूनियन ऑफ़ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (दिल्ली यूनिट) ने साझा बयान जारी कर बताया कि कई पत्रकारों को उनके प्रेस पहचान पत्र दिखाने के बाद भी हिरासत में लिया गया. उन्होंने कहा कि कुछ पत्रकारों के मोबाइल फ़ोन और उपकरण भी ज़ब्त कर लिए गए.
संगठनों ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई को कवर कर रहे पत्रकारों को दिल्ली पुलिस ने जबरन बसों में बिठाया और हिरासत केंद्रों में ले गई. हिरासत में लिए गए पत्रकारों में ज़्यादातर ‘द क्विंट’, ‘द वायर’, ‘स्क्रॉल’, ‘रिपोर्टर टीवी’, ‘नवभारत टाइम्स’ और ‘न्यूज़लॉन्ड्री’ से जुड़े थे. रिपोर्ट के मुताबिक, इनके अलावा वरिष्ठ पत्रकार परंजॉय गुहा ठाकुरता को भी हिरासत में लिया गया.
इन चार पत्रकार संगठनों ने दिल्ली पुलिस की उस कथित ज़िद पर भी आपत्ति जताई कि सिर्फ़ पत्र सूचना ब्यूरो ( press information bureau ) से मान्यता प्राप्त पत्रकार ही विरोध प्रदर्शनों की कवरेज कर सकते हैं.
‘न्यूज़लॉन्ड्री’ की रिपोर्ट कहती है :
प्रदर्शनकारियों और पत्रकारों समेत करीब 30 लोगों को एक ही बस में बैठाकर उत्तर दिल्ली स्थित छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया. न्यूज़लॉन्ड्री के पत्रकारों ने इंस्पेक्टर धन सिंह मलिक की पहचान उस पुलिस अधिकारी के रूप में की, जिसने फोन छीने.
हालांकि, दिल्ली पुलिस ने न्यूज़लॉन्ड्री से जुड़े सभी लोगों को फिलहाल छोड़ दिया है.
स्क्रॉल के पत्रकार आयुष तिवारी भी हिरासत में :
स्क्रॉल के खोजी पत्रकार आयुष तिवारी को भी दिल्ली पुलिस ने आईटीओ के पास हिरासत में ले लिया. संस्थान की एग्जीक्यूटिव एडिटर सुप्रिया शर्मा ने एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी.
सुप्रिया शर्मा ने लिखा, “मेरे सहयोगी और भारत के बेहतरीन खोजी पत्रकारों में से एक आयुष तिवारी को दिल्ली पुलिस ने आईटीओ के पास हिरासत में ले लिया है.”
उन्होंने बताया कि आयुष जंतर-मंतर पर भी नहीं थे और उन्होंने अपना प्रेस कार्ड स्पष्ट रूप से लगा रखा था. पुलिस को कई बार यह बताने के बावजूद कि वे पत्रकार हैं, उन्हें जबरन एक वैन में बैठाकर ले जाया गया.










