
पूर्वोत्तर भारत के राज्य मणिपुर में तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ( central reserve police force) के एक अधिकारी ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ( national human rights commission ), दिल्ली पुलिस और राष्ट्रीय महिला आयोग ( national commission for women ) में शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों ( central armed police forces ) और दिल्ली पुलिस के उन कर्मचारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की है जो “महिला प्रदर्शनकारियों के साथ शारीरिक रूप से बुरा बर्ताव” कर रहे थे.
शिकायत करने वाले अधिकारी का नाम राहुल सोलंकी है जो सीआरपीएफ की 87वीं बटालियन में बतौर सहायक कमांडेंट तैनात हैं . उन्होंने अपनी शिकायत में कहा कि वे यह शिकायत एक “फिक्रमंद नागरिक” के तौर पर अपनी निजी हैसियत से जमा कर रहे हैं. अपनी शिकायत के साथ राहुल सोलंकी ने सोशल मीडिया से तीन वीडियो के लिंक भी लगाए हैं, जिनके बारे में उनका कहना है कि वे पहली नज़र में पुलिस और केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के कर्मचारियों को महिलाओं के साथ शारीरिक रूप से बुरा बर्ताव करते हुए दिखाते हैं.
यह शिकायत आजकल दिल्ली में चल रहे उस आन्दोलन के दौरान हो रहे विरोध प्रदर्शनों से संबंधित है जो मुख्य चुनाव आयुक्त ( chief election commissioner ) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को चलाया जा रहा है . इस आन्दोलन, में अभिजीत दीपके के नेतृत्व में हाल ही में गठित कॉकरोच जनता पार्टी ( cockroach janta party ) और वामपंथी दलों के छात्र संगठन आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन ( aisa ) की अध्यक्ष नेहा बोरा के नेतृत्व में इन संगठनों के कार्यकर्ता से लेकर आमजन भी जुड़े हैं . वहीं कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी पार्टियों के कार्यकर्ता भी इस समर में कूदे हुए हैं . दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ज्ञानेश कुमार के पक्ष में खडी है. आंदोलनरत लोगों का कहना है कि विभिन्न चुनावों में बीजेपी को जिताने के लिए वोटर लिस्ट में हेराफेरी की गई जिसके तहत कई मतदाताओं के नाम काटे गए . इससे जुड़े कई मामलों पर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई चल रही है .
सहायक कमांडेंट राहुल सोलंकी फिर से कहा कि वह पुलिस और सीएपीएफ (capf ) कर्मियों द्वारा निभाई जा रही ड्यूटी को मानते हैं और उसकी सराहना करते हैं, और इस शिकायत का मकसद उनकी सेवा को कमतर आंकना नहीं, बल्कि यह “सुनिश्चित करना है कि किसी भी वास्तविक दुर्व्यवहार पर निष्पक्ष रूप से कार्रवाई हो.”









