वाह..! फेसबुक के ज़रिये सीआरपीएफ ने किया कमाल

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सीआरपीएफ
केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस के प्रभारी इंस्पेक्टर धर्मपाल जसप्रीत को उनका पर्स लौटाते हुए.

चंडीगढ़ के रोज़ गार्डन (Rose Garden) की इस घटना ने भी साबित किया है कि समाज में आये विकारों के लिए सोशल मीडिया को दोष देने वालों को एक पहलू से तो राय बदलनी ही पड़ेगी. और वो यह कि दोषी दरअसल ये मीडिया नहीं है, खामी या खूबी इसके इस्तेमाल के तौर तरीके और इस्तेमाल करने वाले की नीयत पर निर्भर करती है. इस घटना के दो हीरो हैं. एक तो केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ-CRPF) का वह जवान जो रोज़ गार्डन में गश्त पर था और दूसरा है सीआरपीएफ के ही इंस्पेक्टर धर्मपाल. घटना की तीसरी किरदार हैं चंडीगढ़ की जसप्रीत साहनी. लेकिन सबसे बड़ा हीरो बना है फेसबुक (face book).

हुआ यूँ कि शुक्रवार की शाम जसप्रीत अपने बच्चे को घुमाने के लिए गई थीं. बच्चा प्रैम (Pram) में था और सुरक्षा गार्ड्स ने उन्हें भीतर नहीं जाने दिया. लिहाज़ा उन्होंने बच्चे को कार में लिटाया और फिर प्रैम को फोल्ड करके कार में रखा. शायद इसी दौरान उनका पर्स वहां गिर गया जिसमें बैंक के डेबिट कार्ड्स, पैन कार्ड और 2210 रुपये थे. पर्स के गिरने का अहसास उन्हें तब नहीं हुआ. कुछ समय बाद जब बच्चों को आइसक्रीम दिलाई और पैसे चुकता करने लगीं तो पता चला कि पर्स कहीं गिर गया है. कार्ड का कोई इस्तेमाल न कर ले, सो जसप्रीत ने फटाफट पहले तो बैंक में कॉल करके कार्ड ब्लॉक करवाए.

जसप्रीत बताती हैं कि शनिवार को सुबह, खोया सामान मिलने की उम्मीद से, वह उसी जगह गईं लेकिन पर्स नहीं मिला और मिलता भी कैसे वो तो सीआरपीएफ (CRPF) के गश्त कर रहे जवान के हाथ लग चुका था जो उसने अपने सीनियर को सौंप दिया था.

जवान से पर्स मिलने पर, रोज़ गार्डन की सुरक्षा में लगे केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस के प्रभारी इंस्पेक्टर धर्मपाल ने पर्स के मालिक को खोजने के लिए फेसबुक का सहारा लिया. उन्होंने जसप्रीत साहनी नाम की महिलाओं के फेसबुक अकाउंट देखने शुरू किये जो करीब 35 थे. उनमें से 15 – 20 अकाउंट पर और उन्होंने मैसेज पोस्ट किये कि यदि उनका पर्स गुम हुआ है तो संपर्क करें.

शनिवार को जसप्रीत साहनी की बहन ने मैसेज देखकर इंस्पेक्टर धर्मपाल को जसप्रीत का फोन नम्बर भेजा. इंस्पेक्टर धर्मपाल ने तस्दीक करने के बाद जसप्रीत को सेक्टर 29 में ट्रैफिक पुलिस थाने पर बुलवाया और उन्हें पर्स सौंप दिया. जसप्रीत के लिए ये किसी अचरज से कम नहीं था. सब कुछ पर्स में ज्यूँ का त्यूं था.