पूर्वोतर में तैनात सीआरपीएफ कार्मिकों को SDA देने के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट का आदेश

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सीआरपीएफ
फाइल फोटो

सुप्रीम कोर्ट ने पूर्वोत्तर राज्यों में तैनात तमाम सीआरपीएफ कार्मिकों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा है कि वहां तैनात ऐसे बलों के जवानों को स्पेशल ड्यूटी भत्ते (SDA) से इस आधार पर वंचित नहीं रखा जा सकता कि उस बल का मुख्यालय वहां नहीं है.

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में ये फैसला केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) के फार्मासिस्ट जनार्धन सिंह और उनके साथियों की तरफ से दायर उस अपील पर दिया जो इलाहबाद हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ की गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने 2 जुलाई के अपने आदेश में कहा है कि ऐसे पैरामिलिटरी फोर्सेस के उन जवानों को इस भत्ते का अधिकार है.

वैसे जनार्धन सिंह और उनके साथियों का मामला बहुत पुराना (80 के दशक का) है हालाँकि इसके बाद ऐसे भत्तों के संधर्भ में नीतियाँ बदली भी गयी हैं.

पिछले साल केंद्र सरकार ने जिस सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें मंज़ूर की थीं उनमें सैन्य और अर्धसैन्य बलों को दिए जाने वाले अलग अलग तरह के भत्तों का ज़िक्र है. आयोग ने कुछ भत्तों में बदलाव किया था और कई भत्ते तो बढ़ाकर दोगुने भी किये गये थे.

आयोग की सिफारिश के मुताबिक़ पूर्वोत्तर के राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मिजोरम, नागालैंड, मणिपुर, मेघालय, त्रिपुरा और सिक्किम के अलावा लद्दाख व द्वीपों में तैनात किये जाने वाले अर्धसैनिक बलों के जवानों को विशेष कार्य भत्ता (स्पेशल ड्यूटी एलाउंस – SDA) दिया जाता है.

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