विंग कमांडर अभिनन्दन ने क्या गिराया था पाकिस्तान का F 16 ! विवाद क्यूँ ?

433
F 16
प्रतीकात्मक तस्वीर

भारत और पाकिस्तान की आसमानी सरहद पर 27 फरवरी को हुए उस घटनाक्रम के सबसे अहम पहलू पर विवाद खड़ा हो गया है जिसमें भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के F 16 लड़ाकू विमान को धराशायी करने का दावा किया था और इस विवाद की वजह है अमेरिका की एक पत्रिका “फॉरेन पॉलिसी” में छपी खबर जिसमें कहा गया है कि पाकिस्तान को दिए गये सब F 16 लड़ाकू सलामत हैं.

Did India Shoot Down a Pakistani Jet ? U.S. Count Says No. (क्या भारत ने एक पाकिस्तानी जेट को मार गिराया? अमेरिकी गिनती कहती है – नहीं) के शीर्षक से ये खबर अन्तराष्ट्रीय मसलों, कूटनीति और विभिन्न देशों के आपसी सम्बन्धों पर सामग्री वाली तकरीबन 50 साल पुरानी इस पत्रिका ने छापी है. पत्रिका ने इस घटनाक्रम से सीधे जुड़े एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से, 4 अप्रैल को ये खबर प्रकाशित खबर में कहा है कि समझौते की शर्तों के मुताबिक़, पाकिस्तान को F 16 विमान देने वाले अमेरिका को विमानों का निरीक्षण करने और उनके इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी लेने का पूरा हक़ है. और करार की इन्हीं शर्तों के तहत अमेरिकी अधिकारियों ने निरीक्षण किया था. उन्होंने पाया कि पकिस्तान को मिले सारे F 16 वजूद में हैं.

इस पत्रिका ने अधिकारी के नाम का खुलासा नहीं किया लेकिन उसकी दी गई सूचना के हवाले से कहा है कि भारतीय मिग लड़ाकू के पायलट विंग कमांडर अभिनन्दन ने रेंज में पाकिस्तानी F 16 को लॉक कर लिया हो और उन्हें लगा हो कि उनके हमले में F 16 ढेर हो गया.

उल्लेखनीय है कि भारत ने इस घटनाक्रम में कहा था भारतीय सीमा से पाकिस्तानी लड़ाकुओं को खदेड़ने की कार्रवाई के दौरान विंग कमांडर अभिनन्दन ने पाकिस्तानी विमान को निशाना बनाने के बाद खुद को इजेक्ट किया था क्यूंकि उस समय उनके मिग को पाकिस्तानी विमान से दागी मिसाइल लग चुकी थी. भारतीय सेना के अधिकारियों ने तब उस मिसाइल के टुकड़े का एक हिस्सा मीडिया के सामने पेश किया था और साथ ही दावा किया था कि उस मिसाइल को दागने के लिए पाकिस्तान के पास सिर्फ F 16 लड़ाकू विमान ही है.

“फॉरेन पॉलिसी” की खबर में कहा गया है कि पाकिस्तान के पास कुल 76 F16 हैं जिनमें से 13 विमान उसे जॉर्डन के जरिये मिले थे. लेकिन थर्ड पार्टी करार के बाद भी उस पर निरीक्षण जैसी तमाम शर्तें लागू होती हैं. इस खबर पर यकीन किया जाये तो मतलब निकलता है कि अमेरिकी अधिकारियों सभी F 16 को सही सलामत पाया.

विमान गिराने के सबूत :

दूसरी तरफ भारतीय वायु सेना ने “फॉरेन पॉलिसी” की खबर को ख़ारिज किया है. मीडिया में प्रकाशित समाचारों में भारतीय वायु सेना (IAF) का पक्ष रखते हुए कहा गया था कि उस घटनाक्रम के दौरान पाकिस्तानी विमान F 16 की विद्युतीय तरंगे (इलेक्ट्रॉनिक सिग्नेचर – Electronic Signature) , पाकिस्तानी सेना के पकड़े गये वायरलेस संदेश और दो पायलटों का उसी समय इजेक्शन के बाद चंद किलोमीटर के फासले पर आसमान में होना इसका सबूत हैं भारतीय मिग से विंग कमांडर अभिनन्दन ने पाकिस्तानी F 16 को मार गिराया था.

आसमान में उस वक्त दो पायलटों का पैराशूट से उतरने का मतलब ये कि दूसरा पायलट पाकिस्तानी वायुसेना का था जो F 16 उड़ा रहा था. यानि अपने जहाज़ को नुकसान पहुँचने पर उसने खुद को इजेक्ट किया.

भारतीय वायु सेना का कहना है कि ये तमाम सबूत आसमानी गतिविधियों पर नज़र रखने और पूर्व चेतावनी देने वाली तकनीक Airborne Early Warning and Control Systems (AWACS) से मिले हैं जिन्हें झुठलाया नहीं जा सकता. इस सिस्टम के जरिये पता चला था कि उस वक्त पाकिस्तान के 11 F 16 परवाज़ पर थे और उन्हीं में से एक धराशायी हुआ था.

क्या मानेगा अमेरिका :

दूसरी तरफ अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने अभी तक आधिकारिक रूप से इस बात की पुष्टि नहीं की है कि उनके अधिकारियों ने पाकिस्तानी F 16 से संबंधित कोई ऑडिट किया है या नहीं.

वहीं कुछ रक्षा विशेषज्ञों का मानना है अमेरिका कभी भी इस तथ्य को कबूल नहीं करेगा कि भारतीय मिग ने F 16 को धराशायी किया क्यूंकि अमेरिका के लिए युद्ध एक कारोबार है. F 16 एक बड़ा ब्राण्ड बन चुका है जिसकी मांग बढ़ने से अमेरिका इस फाइटर प्लेन को कई मुल्कों को बेच भी चुका है. कई इसे खरीदना चाहते हैं. ऐसे में ये कबूलना कि भारतीय वायु सेना के इतने पुराने मिग ने F 16 को मार गिराया अमेरिकी युद्धक हथियारों के कारोबार को नुकसान पहुँचाने वाला कदम होगा.